असद ही गया था रकम लेने
सूत्रों का यह भी कहना है कि मुस्लिम से रकम लेने के लिए असद ही लखनऊ गया था। वह अपने कुछ साथियों के साथ लखनऊ पहुंचा था। इसके बाद मुस्लिम से रकम लेकर वह लौट आया था। सूत्रों के मुताबिक, जांच में पता चला है कि शाइस्ता मेयर का चुनाव लड़ने वाली थी। चुनाव के लिए उसे रुपयों की जरूरत थी। ऐसे में उसने मुस्लिम समेत तमाम लोगों से मदद करने को कहा था। इसके बाद ही मुस्लिम ने उसे रकम दी।
पिछले साल जून में दर्ज हुआ था केस
मुस्लिम उमेश पाल से एक करोड़ की रंगदारी मांगने के मामले में भी नामजद है। यह मुकदमा पिछले साल 25 अगस्त को धूमनगंज थाने में दर्ज कराया गया था। वादी उमेश ने आरोप लगाया था कि 11 फरवरी 2022 को अतीक का करीबी मुस्लिम अपने साथियों खालिद जफर, दिलीप कुशवाहा व अन्य संग उसकी पीपलगांव स्थित जमीन पर कब्जा करने पहुंचा था। उसने पहुंचकर विरोध जताया तो उसे तमंचा सटाकर एक करोड़ की रंगदारी मांगी गई। यह भी कहा गया कि यह सांसद अतीक का आदेश है।
कई जगह प्लाटिंग, आवासीय योजनाएं भी
मो. मुस्लिम पुत्र मो. मियां अतीक का करीबी है। उसकी कई शहरों में आवासीय योजनाएं हैं। जमीन की धोखाधड़ी में उसके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। माफिया अतीक अहमद के साथ भी वह मुकदमों में नामजद है।