पहले अतीक से उसके पुलिस को दिए गए बयान के बाबत सवाल पूछे गए। इसमें पाक कनेक्शन से लेकर आईएसआई व आतंकी संगठन लश्कर से जुड़े सवालों के जवाब मांगे गए। इसके बाद अशरफ से पूछा गया कि उसका भाई हथियारों का इंतजाम जहां से करता था, उसके बारे में वह क्या जानता है। इस तरह से करीब चार घंटे तक एक-एक कर दोनों से सवाल जवाब किए जाते रहे। पांच बजे के बाद टीम वापस चली गई। टीम में एक सीओ व दो इंस्पेक्टर शामिल रहे।
एटीएस अफसरों ने पूछा
- आईएसआई व लश्कर से तुम्हारा संपर्क कैसे हुआ?
- क्या कभी तुम या तुम्हारे परिवार का कोई व्यक्ति पाकिस्तान गया है?
- पंजाब सीमा पर किस जगह पाकिस्तानी ड्रोन से हथियार गिराए जाते हैं?
- इनमें किस तरह के और कौन-कौन से हथियार शामिल हैं?
- ड्रोन से पिछली बार कब हथियार गिराए गए?
- पंजाब में वह कौन स्थानीय व्यक्ति है, जो हथियारों को ठिकाने लगाता है?
- उससे संपर्क कैसे होता है? क्या कभी उससे आमने-सामने मुलाकात हुई?
- यह खेप जम्मू-कश्मीर में दहशतगर्दोंं को सप्लाई होती है, कैसे पता चला?
पुलिस को दिया है बयान
गौरतलब है कि धूमनगंज पुलिस का यह दावा है कि उमेश पाल हत्याकांड की पूछताछ के दौरान अतीक ने अपने पाक कनेक्शन संबंधी राज उगले हैं। बताया है कि उसने उमेश पाल हत्याकांड की प्लानिंग साबरमती जेल में पत्नी शाइस्ता परवीन को बताई थी। इस दौरान यह भी बताया था कि उसके आईएसआई और लश्कर से सीधे संबंध हैं। पाकिस्तानी ड्रोन से पंजाब सीमा पर हथियार गिराए जाते हैं और इन्हीं हथियारों को वह एक स्थानीय कनेक्शन के जरिए अपने पास मंगवाता है।
बोला माफिया- पुलिस गढ़ रही झूठी कहानी
सूत्रों का कहना है कि पाक कनेक्शन के आरोपों को माफिया अतीक ने सिरे से नकार दिया। उसका कहना था कि उसने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। वह छह साल से जेल में बंद है। पुलिस सिर्फ झूठी कहानी गढ़ रही है।
अतीक से पूछताछ चल रही है। पूछताछ में सामने आए कुछ अहम बिंदुओं का परीक्षण किया जा रहा है, जिसके बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। - प्रशांत कुमार, स्पेशल डीजी कानून-व्यवस्था एवं अपराध