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यूक्रेन संकट : मेडिकल की पढ़ाई करने गए कई छात्र फंसे, परिजनों की चिंता बढ़ी

Tue, 22 Feb 2022 07:15 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

रूस की सेना ने यूक्रेन के पांच सैनिकों को भी मार गिराने का दावा किया था। ऐसे में यूक्रेन के विभिन्न शहरों में मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के लिए प्रयागराज से गए छात्रों के परिजनों की चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं।
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demo - फोटो : social media
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विस्तार
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रूस और यूक्रेन के बीच जंग जैसे हालात लगातार बन रहे हैं। रूस ने सोमवार को दावा किया था कि उसने यूक्रेन के दो सैन्य वाहनों को उड़ा दिया जो उसके इलाके में घुसने की कोशिश कर रहे थे।

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रूस की सेना ने यूक्रेन के पांच सैनिकों को भी मार गिराने का दावा किया था। ऐसे में यूक्रेन के विभिन्न शहरों में मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के लिए प्रयागराज से गए छात्रों के परिजनों की चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं।



यूक्रेन में पढ़ाई कर रहे मेडिकल और इंजीनियरिंग के आधा दर्जन छात्रों के परिजन लगातार उनके संपर्क में हैं। अपने बच्चों की कुशलता को लेकर परिजनों की दिन का चैन और रात की नींद उड़ी हुई है। छात्रों के परिजन लगातार अपने बच्चों से कह रहे हैं कि वहां के हालात और खराब हों, जंग जैसे हालात बनें, उसके पहले वह अपने वतन लौट आएं। 
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नई झूंसी निवासी डॉ. तुषार पांडेय पुत्र विनोद पांडेय अपने मामा डॉ. विवेक मिश्र के घर पर रहकर यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। पूर्व में जिले में नोडल अधिकारी रहे डॉ. विवेक इस वक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन यूपी लखनऊ में महाप्रबंधक पद पर तैनात हैं। तुषार यूक्रेन के ओडेसा नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी से मेडिकल की चौथे वर्ष की पढ़ाई कर रहे हैं।



तुुषार के पिता विनोद सीआरपीएफ में तो मां भावना पांडेय शिक्षिका हैं। तुषार की दो बहनें श्यामभवी तथा वैभवी हैं। यूक्रेन और रूस के बीच बढ़ते तनाव के बीच तुषार 22 जनवरी को दुबई वाया लखनऊ होते हुए प्रयागराज आए हैं। हालांकि इनके प्रयागराज के रहने वाले कई अन्य साथी अब भी यूक्रेन में ही हैं।




तुषार बताते हैं कि रूस और यूक्रेन के सरहद पर भारी तनाव बना हुआ है। दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं। देश के भीतर भी भारी तनाव बना हुआ है। हालांकि तनाव के बीच भी शहर में अभी तक सबकुछ सामान्य चल रहा है। लोग रोज की तरह ही अपने घर और दफ्तर आ जा रहे हैं। बाजार भी रोज की तरह खुल रहे हैं।




विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षण कार्य भी चल रहा है। डॉ. तुषार ने बताया कि उसे 25 फरवरी को वापस यूक्रेन जाना था लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए अब जाना स्थगित कर दिया है। यूनिवर्सिटी की ओर से ऑनलाइन क्लासेज चलाई जा रही है। बताया कि आज ही यूक्रेन में रहने वाले साथी डॉ. दीक्षांत श्रीवास्तव से फोन पर बात हुई।




उसने बताया कि लगातार तनाव बढ़ रहा है। यूक्रेन की सरकार कह रही है कि जो भी अपने वतन लौटना चाहता है, सरकार उसे वापस भेजने में पूरी मदद करेगी। भारत सरकार भी लगातार यूक्रेन सरकार और भारतीय दूतावास के संपर्क में है। 26 फरवरी को दीक्षांत वापस भारत आ रहा है।




डॉ. तुुषार के साथ ही डॉ. दीक्षांत श्रीवास्तव निवासी धूमनगंज, डॉ. भूवन सिंह निवासी एलनगंज, डॉ. अमित मिश्र निवासी अल्लापुर, डॉ. अनुराग सिंह निवासी जार्जटाऊन तथा डॉ. अनमोल आहूजा निवासी जार्जटाऊन भी ओडेसा नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। इन सबके परिजन यूक्रेन में बढ़ते तनाव को लेकर बेहद परेशान हैं। सभी के परिजन सुबह लेकर देर रात तक बच्चों के संपर्क में हैं। वे लगातार वीडियो कालिंग कर बच्चों से कह रहे है कि जैसे भी हो, यूक्रेन के हालात पहले से और खराब हों, भारत वापस लौट आएं।

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