फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उज्ज्वल रमण सिंह : कांग्रेस का चेहरा भले बने उज्ज्वल, इलाहाबाद सीट पर लड़ेगी सपा ही

Wed, 03 Apr 2024 03:08 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

कांग्रेस नेतृत्व ने लगातार यहां मजबूत प्रत्याशी की तलाश की। कुछ स्थानीय नेताओं को राजी करने का प्रयास किया, लेकिन उनके इन्कार के बाद दूसरा कोई चारा नहीं बचा। यह सबको मालूम ही है कि कांग्रेस का न तो यहां मजबूत संगठन खड़ा हो सका है और न ही इतना जनाधार है कि पार्टी अपने बलबूते भाजपा जैसी मजबूत संगठन वाली पार्टी को टक्कर दे सके।
विज्ञापन
उज्ज्वल रमण सिंह। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इलाहाबाद संसदीय सीट के लिए कांग्रेस उम्मीदवार की हफ्तों चली तलाश आखिरकार उज्ज्वल रमण सिंह के रूप में बुधवार को पूरी हो गई। संगमनगरी की सियासी नब्ज जानने वालों के मुताबिक उज्ज्वल कांग्रेस का बस चेहरा ही होंगे, असल में लोकसभा चुनाव तो गठबंधन की सहयोगी सपा ही लड़ेगी। कारण दो हैं। पहला यह कि कांग्रेस के पास यहां न कोई मजबूत जनाधार है और न ही चुस्त-दुरुस्त संगठन। बीते चुनावों के आंकड़े भी यही गवाही देते हैं कि कांग्रेस की यहां कोई जमीन नहीं बची। कांग्रेस नेताओं को भी इसका आभास है कि गठबंधन में यह सीट उनके खाते में बेशक है, लेकिन चुनावी नैया पार लगाने के लिए सपा को ही खेवैया बनाना पड़ेगा।

विज्ञापन


कांग्रेस नेतृत्व ने लगातार यहां मजबूत प्रत्याशी की तलाश की। कुछ स्थानीय नेताओं को राजी करने का प्रयास किया, लेकिन उनके इन्कार के बाद दूसरा कोई चारा नहीं बचा। यह सबको मालूम ही है कि कांग्रेस का न तो यहां मजबूत संगठन खड़ा हो सका है और न ही इतना जनाधार है कि पार्टी अपने बलबूते भाजपा जैसी मजबूत संगठन वाली पार्टी को टक्कर दे सके। स्थानीय नेताओं की न के बाद पार्टी ने फिल्मी चेहरों को भी टटोला, जो अपने बूते भीड़ और समर्थक जुटाकर चुनाव को लड़ाई लायक बना सकें।

हालांकि, इसमें भी कांग्रेस को सफलता नहीं मिली। आखिरकार कांग्रेस को सपा के पूर्व विधायक उज्ज्वल रमण सिंह को पार्टी में लाना पड़ा। उज्ज्वल करछना सीट से विधायक रह चुके हैं। क्षेत्रीय स्तर पर उनका और पिता रेवती रमण सिंह का भी कुछ प्रभाव है। बावजूद इसके, उज्ज्वल की लोकसभा पहुंचने की राह आसान कतई नहीं है।

विज्ञापन

इंडिया गठबंधन में कांग्रेस को मिली है इलाहाबाद सीट

सपा ने गठबंधन की सहयोगी कांग्रेस के लिए इलाहाबाद सीट छोड़ी है, जबकि फूलपुर से वह खुद अपना प्रत्याशी उतारेगी। वैसे, पिछले चुनावों का हाल देखें तो सपा प्रत्याशी कांग्रेस से काफी आगे रहे हैं। 1991 से 2019 के बीच हुए आठ लोकसभा चुनावों में कांग्रेस प्रत्याशी सिर्फ एक बार अपनी जमानत जब्त होने से बचा पाए।

यह जमानत भी 1999 के चुनाव में बचाई प्रो. रीता बहुगुणा जोशी ने। फिलहाल तो वह भाजपा की इलाहाबाद सीट से ही सांसद हैं। इनके अलावा 1991 में कांग्रेस उम्मीदवार अनिल शास्त्री को 15.91 और 2014 में नंद गोपाल गुप्ता नंदी (अब भाजपा नेता) को 11.49 प्रतिशत वोट ही हासिल हो सके थे। बाकी उम्मीदवारों को सात फीसदी से भी कम वोट नसीब हुए।

वहीं, सपा ने 1998 के चुनाव में इलाहाबाद सीट पर पहली बार सीधे अपना प्रत्याशी उतारा। फिर, छह बार के आम चुनावों में दो बार रेवती रमण सिंह सांसद चुने गए। चार दफा सपा उम्मीदवार दूसरे स्थान पर रहे। अब कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में उज्ज्वल भले ही पंजे के निशान पर चुनाव लड़ें, बगैर साइकिल की सवारी के उनका कोई भला नहीं होने वाला।

विधानसभा चुनाव में दो फीसदी भी मत नहीं


2022 के विधानसभा चुनाव के नतीजे बताते हैं कि इलाहाबाद संसदीय सीट की पांचों विधानसभा सीटों में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है। सिर्फ कोरांव में पार्टी उम्मीदवार को 10 फीसदी से अधिक वोट मिले। बाकी तीन विधानसभा सीटों में उम्मीदवारों को दो फीसदी भी मत हासिल न हो सके। मेजा में तो एक फीसदी भी मत नहीं मिले। सपा का प्रदर्शन देखें तो मेजा से संदीप पटेल ने जीत हासिल की। बाकी चार सीटों पर भी सपा प्रत्याशी मुख्य मुकाबले में रहे। कोरांव को छोड़कर बाकी विधानसभा सीटों में सपा को करीब 40 फीसदी वोट मिले।
विज्ञापन

1991 से 2024 के बीच हुए लोकसभा चुनावों में कांग्रेस व सपा/जनता दल उम्मीदवार को मिले वोट प्रतिशत

वर्ष                        सपा कांग्रेस
2019             34.89             3.59

2014             28.24             11.49
2009             38.06             6.73

2004             35.64             6.18
1999             22.94             20.57

1998             33.22             4.35
            

2022 के विधानसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस को मिले मत प्रतिशत

विधानसभा             सपा             कांग्रेस
मेजा                        42.12             0.83
दक्षिणी             39.61             1.16

बारा                         37.38             1.68
कोरांव             28.95             10.34

करछना             39.4             2.14
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें