आरोप है कि दोनों को मुंडेरा की महिला अधिवक्ता प्राची श्रीवास्तव और उसके भाई हर्ष श्रीवास्तव, जो अपने को मुंशी बताता है, ने हाईकोर्ट परिसर में प्रवेश दिलाया। न्यायालय परिसर की सुरक्षा में लगे जवानों ने पूछताछ की तो दोनों युवकों के पास नियुक्ति पत्र जबकि हर्ष श्रीवास्तव के पास हाईकोर्ट का एंट्री पास और एक अन्य एंट्री पास भी मिला, जिस पर रजिस्ट्रार प्रोटोकॉल की दस्तखत एवं मुहर थी।
जब गहनता से इन दस्तावेजों की जांच पड़ताल की गई तो यह सभी कूटरचित एवं फर्जी पाए गए। इसके बाद देर रात पुलिस अफसरों को बुलाया गया। मामले में प्रथमदृष्टया कूटरचना और धोखाधड़ी की बात सामने आने पर रजिस्ट्रार जनरल राजीव भारती की ओर से कैंट थाने में तहरीर दी गई।
इसके आधार पर मुकदमा दर्ज करते हुए महिला अधिवक्ता व उसके भाई को गिरफ्तार कर कोर्ट की अनुमति से जेल भेज दिया गया। पुलिस ने दोनों की गिरफ्तार की पुष्टि की। हालांकि इससे ज्यादा और कुछ बताने से इन्कार किया गया। कैंट थाना प्रभारी सुनील कनौजिया ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। अन्य बिंदुओं के बारे में विवेचना जारी है। उधर, आला अफसरों ने भी कहा, विवेचना शुरू है, विस्तृत जांच-पड़ताल के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।