मृतक आश्रित कोटे से मिली थी सिपाही की नौकरी
यह नशे में धुत थे। पूछताछ पर पता चला कि इनमें बांदा का रहने वाला कुशल द्विवेदी (2007 बैच) व फतेहपुर निवासी मो. आरिफ सिद्दीकी (2001 बैच) भी शामिल हैं जो पुलिस विभाग में सिपाही हैं। दोनों वर्तमान में नगर कोतवाली में तैनात हैं और विभाग में मृतक आश्रित कोटे से नियुक्त हैं।
पूछने पर बताया कि वह महोबा जा रहे थे, लेकिन पिस्टल के बाबत वह कुछ नहीं बता सके। इसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया। आर्म्स एक्ट का मुकदमा लिखकर तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। बृहस्पतिवार को उन्हें कोर्ट के समक्ष पेश किया गया जहां मजिस्ट्रेट की अनुमति से जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई से पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।