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गंगा में डूबकर चचेरी बहनों की मौत, सेल्फी के चक्कर में गईं गहरे पानी में, हादसे के पहले की तस्वीरें

Mon, 17 Jun 2019 12:32 PM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेजा
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गंगा स्नान करती दोनों बहने - फोटो : अमर उजाला
मेजा के देवहटा घाट पर रविवार सुबह गंगा नहाने गईं दो चचेरी बहनों की डूबने से मौत हो गई। इस हादसे के थोड़ी देर पहले ही उन्होंने पानी में सेल्फी ली और वीडियो भी बनाया था। लोगों को घाट पर उनका मोबाइल पड़ा मिला था। जानकारी पर परिजनों समेत ग्रामीणों की जुट गई। गोताखोरों को पानी में उतारा गया। करीब घंटे भर बाद दोनों के शव पानी से निकाले जा सके। हादसे से घर में कोहराम मचा हुआ है। 

देवहटा गांव के रमेश चंद्र मिश्र जिला कचहरी में अधिवक्ता हैं। उनकी इकलौती बेटी स्वपनिल (21) और उसकी चचेरी बहन एशस्वी (13) दोनों रविवार सुबह गंगा नहाने गईं थी। इस दौरान दोनों ने पानी में नहाते समय सेल्फी ली और वीडियो भी बनाया। अचानक एशस्वी गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। यह देख स्वपनिल उसे बचाने को आगे बढ़ी तो वह भी गहरे पानी में चली गई। देखते-देखते दोनों बहनें डूब गईं। हादसे की खबर फैली तो घाट पर परिजनों समेत गांववाले जुट गए।

सूचना पर सीओ उमेश वर्मा और मेजा कोतवाल मनोज कुमार पाठक भी पहुंच गए। गोताखोरों को बुलाया गया। उन्होंने जाल डाला तो पहले एशस्वी का शव मिला। करीब घंटे भर के प्रयास के बाद स्वपनिल की लाश भी बरामद हो गई। दोनों के शवों को देख परिजनों में कोहराम मच गया। 
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meja - फोटो : प्रयागराज
देवहटा घाट पर रविवार की सुबह 7:30 बजे गंगा नहाने देवहटा गांव से दो चचेरी बहनें पहुंचीं। छुट्टी के दिन की शुरुआत गंगास्नान से करनी थी, इसलिए दोनों खुशी-खुशी पानी में उतर गईं। पहले तो दोनों ने किनारे पर ही नहाने का मन बनाया, लेकिन धीरे-धीरे गहरे पानी ओर चली गईं। स्वपनिल (21) अपने साथ मोबाइल भी ले गई थी, लिहाजा दोनों बहनें सेल्फी और वीडियो भी बना रही थीं। हादसे के बाद घाट पर मिले मोबाइल में दोनों की तस्वीरें देख लोग बार-बार भावुक हो जा रहे थे। 
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meja - फोटो : प्रयागराज
शिक्षिका थी स्वपनिल, 8वीं की छात्रा थी एशस्वी
जिला कचहरी में अधिवक्ता रमेश चंद्र मिश्रा की इकलौती बेटी स्वपनिल शिक्षिका थी। वह बरी खानपुर के एमएल पब्लिक स्कूल में पढ़ाती थी। एशस्वी तरवाई के गुड शेफर्ड स्कूल में आठवीं की छात्रा थी। दोनों ही बहनें मेधावी थीं। एशस्वी की मां कनकलता गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामिश्र हैं। हादसे की सूचना पर परिजनों के साथ स्वपनिल की मां रीना भी घाट पर पहुंच गई थीं। जब दोनों के शव पानी से बाहर आए तो माएं उससे लिपटकर बदहवास हो गईं। परिजनों को सांत्वना देने के लिए घाट पर जिला कचहरी के अधिवक्ता हरिसागर मिश्रा, अवधेश कुमार मिश्रा, मेजा बार एसोसिएशन के पूर्व मंत्री जटाशंकर शुक्ला, पवन शुक्ला, गोसौरा के प्रधान प्रतिनिधि योगेश पांडेय, छतवा के अंशु मिश्रा पहुंच गए थे। वहीं एमएल पब्लिक स्कूल के प्रबंधक दुर्गा प्रसाद गुप्ता सहित कई शिक्षकों ने स्कूल में शोकसभा कर शोक संवेदना व्यक्त किया। प्रबंधक दुर्गा प्रसाद गुप्ता ने कहा कि स्वपनिल बेहद मेहनती शिक्षिकाओं में से थीं, जिसकी स्कूल को कमी सदैव खलेगी।

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meja - फोटो : प्रयागराज
पानी में नहाते समय कभी स्वपनिल एशस्वी (13) के साथ सेल्फी लेती तो कभी एशस्वी मोबाइल लेकर दोनों की वीडियो बनाने लगती। पानी में तैरते हुए, लेट कर, एक दूसरे पर बौछार करते हुए, कई तरह के एंगल से दोनों ने सेल्फी ली और वीडियो बनाई। दोनों इतनी उत्साहित थीं कि उनको एहसास भी नहीं था कि कुछ देर बाद क्या होने वाला है। 
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meja - फोटो : प्रयागराज
प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो दोनों बहनें हंसते-खिलखिलाते मोबाइल से फोटो खींच रहीं थीं। एशस्वी छोटी थी, लिहाजा चंचलता में वह गहरे पानी की ओर बढ़ गई और स्वपनिल से फोटो खींचने को कहा। इसी दौरान वह हाथ-पैर मारने लगी। पानी में किनारे पर नहा रही स्वपनिल पहले तो समझ नहीं पाई, लेकिन जब उसने एशस्वी को डूबने-उतराते देखा तो वह घबरा गई। आननफानन में उसने मोबाइल घाट पर फेंका और एशस्वी को बचाने के लिए आगे बढ़ी। स्वपनिल एशस्वी तक पहुंच ही गई थी कि तब तक वह भी गहरे पानी में जा चुकी थी। घाट पर मौजूद लोग जब तक कुछ समझ पाते तब तक दोनों बहनें पानी में समा चुकी थीं। 
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meja - फोटो : प्रयागराज
हादसे की खबर फैली तो परिजनों के साथ ग्रामीण मौके पर जुट गए। घाट पर पड़े मोबाइल को खोला गया तो कुछ देर पहले ली गई दोनों बहनों की सेल्फी सामने आ गई। हंसते-मुस्कुराते चेहरों वाली सेल्फी देख-देखकर परिजन और दहाड़ मार-मारकर रोने लगे। यह देख वहां मौजूद लोग भी गमगीन हो गए। स्वपनिल के पिता अधिवक्ता रमेश चंद्र मिश्र और एशस्वी के पिता कुलदीप मिश्र भी बदहवास होकर घाट पर ही खड़े रहे। 
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meja - फोटो : प्रयागराज
इसी दुख की घड़ी में बदहवास परिजनों ने पुलिस से दोनों बहनों के शवों के पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद देवहटा गंगा घाट पर ही स्वपनिल और एशस्वी का अंतिम संस्कार कर दिया गया। 
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