अतीक अहमद को नैनी जेल से अहमदाबाद भेजे जाने के लिए सुरक्षा की खास रणनीति बनाई गई थी। इसके तहत जिला पुलिस के दो अफसरों को एक दिन पहले ही वहां भेज दिया गया था। जिन पर जिम्मा था कि गुजरात पुलिस से समन्वय स्थापित कर वह एयरपोर्ट पर तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें।
अतीक को गुजरात जेल शिफ्ट किए जाने में जेल प्रशासन व पुलिस अफसरों के सामने सबसे बड़ी चुनौती सुरक्षा व्यवस्था थी। सूत्रों की मानें तो यही वजह रही कि अतीक की रवानगी टाली गई। दरअसल पहले उनकी रवानगी एक जून को की जानी थी लेकिन इसी दौरान उनकी ओर से दिए गए पत्र ने जेल प्रशासन को बैकफुट पर जाने पर मजबूर कर दिया। जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था पर दोबारा मंथन करते हुए इसमें शासन से भी दिशा-निर्देश मांगे गए।
शासन की ओर से सुरक्षा के लिए बनाई गई योजना को हरी झंडी मिलने के बाद अतीक को सोमवार भोर में रवाना करने का निर्णय लिया गया। हालांकि इससे पहले सुरक्षा के दृष्टिगत ही सीओ सोरांव अमित कुमार श्रीवास्तव व एक इंस्पेक्टर को एक दिन पहले ही अहमदाबाद भेज दिया गया था। उनसे कहा गया था कि गुजरात पुलिस से समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित कर लें कि अतीक के अहमदाबाद एयरपोर्ट पर पहुंचने के दौरान पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था कर ली जाए। यही वजह रही कि अतीक के अहमदाबाद एयरपोर्ट पर पहुुंचने से पहले गुजरात पुलिस के साथ ही अहमदाबाद क्राइम ब्रांच को भी वहां तैनात कर दिया गया था। 11 बजे के करीब अतीक को लेकर पुलिस टीम अहमदाबाद एयरपोर्ट पहुंची। जिसके बाद कड़ी सुरक्षा में उन्हें साबरमती जेल भेज दिया गया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अहमदाबाद जाने के दौरान फ्लाइट में अतीक के साथ ही उनकी पत्नी व अन्य परिजनों के साथ कई समर्थक भी थे। यह स्वयं के खर्चे पर वहां गए थे। रास्ते में अतीक ने परिजनों से बातचीत भी की। हालांकि पुलिस अफसरों का कहना है कि उन्हें किसी से बात करने की अनुमति नहीं दी गई।