इसके बाद फिर उनमें मारपीट होने लगी। दरोगा ने कंट्रोल रूम को सूचना दी तो सिविल लाइंस थाने से फोर्स आई, लेकिन उससे पहले ही हमलावर दोनों गुट मौके से भाग चुके थे। कुछ देर बाद थाने की फार्स के साथ ही मोबाइल टीमें भी आ गई। इस मामले में इंस्पेक्टर सिविल लाइंस वीरेंद्र सिंह यादव का कहना है कि मौके पर दो पक्षों के बीच विवाद की सूचना मिली थी। फोर्स पहुंची तो पता चला कि दोनों पक्ष आपस में परिचित हैं। समझाने पर शांत होकर दोनों पक्ष वहां से चले गए।
दरोगा ने सुनाई खरी-खोटी, चुपचाप निकल गए नाइट अफसर
इस प्रकरण में एक खास बात यह रही कि फोर्स के देरी से मौके पर पहुंचने को लेकर दरोगा काफी आक्रोशित दिखा। उसने मौके पर पहुंचे नाइट अफसर को खरी-खोटी भी सुनाई। नाइट अफसर ने जब उससे कार्रवाई के बाबत पूछा तो दरोगा ने कहा कि वह अकेला आखिर क्या करता।