ग्रामीण बैंक कर्मियों के कोविड-19 का पॉजिटिव पाए जाने के बाद विकास भवन के कर्मचारियों में भय व्याप्त है। परिसर स्थित शाखा तथा अगल-बगल के विभाग सील कर दिए गए हैं, लेकिन कर्मचारी दो दिनों तक आवागमन प्रतिबंधित कर पूरे विकास भवन को सैनिटाइज कराने की मांग की है।
विकास भवन के प्रथम तल स्थित बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक शाखा के दो कर्मचारी पॉजिटिव आ गए हैं। शाखा के कई अन्य कर्मचारियों की भी जांच के लिए नमूने लिए गए हैं। अभी रिपोर्ट का इंतजार है। इस तरह से विकास भवन परिसर में मरीज सामने आने के बाद कर्मचारियों में डर है। परिसर में एकत्रित कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार और शुक्रवार को पूरे भवन को सील कर सैनिटाइजेशन की मांग की।
कर्मचारियों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित कराने की भी बात कही। विकास भवन कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष नरसिंह ने इस संबंध में अफसरों से वार्ता की। उनका कहना है कि दो दिन विकास भवन बंद कर दिया जाता है तो इसके बाद शनिवार और रविवार को अवकाश रहेगा। ऐसे में खतरा खत्म हो जाएगा।
कर्मचारी पॉजिटिव फिर भी खुली बैंक की शाखा, भय
कोविड़-19 पॉजिटिव वालों की सूची में बैंक कर्मियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पूरे देश में 78 अफसरों की मौत भी हो चुकी है। इससे कर्मचारियों में भय व्याप्त है। मुश्किल यह कि खतरे वाले क्षेत्र में कई शाखाओं को खोले जाने की शिकायत है। एक बैंक की कीडगंज शाखा में एक कर्मचारी के पॉजिटिव आने के बाद भी उसे बंद नहीं किया गया। इसी बैंक की एक अन्य शाखा के आसपास मरीज पाए गए हैं।
इसके बावजूद शाखा खुली होने की शिकायत है। इससे कर्मचारियों का डर और बढ़ गया है तथा उनमें नाराजगी है। हालांकि, कार्रवाई के डर की वजह से कर्मचारी कुछ बोलने से बच रहे हैं। वहीं कर्मचारी नेता अनूप टिग्गा का कहना है कि एक शाखा में इस तरह की शिकायत आई है। इस संबंध में अफसरों से वार्ता की जाएगी। एसबीआई के एजीएम शेखर शुक्ला का कहना है कि जिला प्रशासन के निर्देश के अनुसार ही बैंकिंग काम हो रहे हैं। प्रशासन की गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन किया जा रहा है।