घटना के बाद मौके पर जुटी भीड़ और छानबीन करती पुलिस।
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मंगलवार को एनडीआरएफ की टीम चलाएगी सर्च अभियान
स्नान करते समय उत्कर्ष गहरे पानी में चला गया। उसको डूबते देख पीयूष ने बचाने का प्रयास किया तो वह भी पानी में समा गया। घाट के किनारे मवेशी चरा रहे युवक ने दोनों को डूबते देखा तो गंगा में छलांग लगा दी और दोनों को बचाने का प्रयास करने लगा, लेकिन सफलता नहीं मिली। भागकर वह गांव पहुंचा और परिजनों को घटना की जानकारी दी। गोताखोरों ने पहुंचकर खोजबीन शुरू की तो उत्कर्ष का शव बरामद हो गया। पीयूष का पता नहीं चल सका है। पुलिस ने मंगलवार को एनडीआरएफ टीम को बुलाया है। घटना के बाद घाट पर भारी भीड़ जुटी रही। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। सारी खुशियां गम में बदल गईं।
घटना के बाद मौके पर जुटी भीड़ और छानबीन करती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला।
मंगलवार को है पीयूष का जन्मदिन
गंगा में समाने वाले पीयूष का जन्मदिन मंगलवार को है। गृह प्रवेश के साथ जन्मदिन की भी तैयारी चल रही थी। अचानक दोनों के डूबने की खबर से परिवार में गम का माहौल छा गया। दोनों दो-दो भाई हैं। दोनों भाइयों में छोटे हैं। परिजनों की चीख पुकार सुनकर ग्रामीणों की भी आखें नम हो गईं।
गृह प्रवेश की खुशी बदल गई मातम में
हंडिया। सोमवार को गृह प्रवेश कार्यक्रम के लिए परिवार और रिश्तेदार खुशी के माहौल में घर पर जुटे हुए थे। दोनों चचेरे सगे भाइयों की गंगा में डूबने की घटना से खुशियां मातम में बदल गई। पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया। घटना की सूचना मिलते ही हंडिया कोतवाल बृजकिशोर गौतम पुलिस बल सहित गंगा घाट पर पहुंच गए। उत्कर्ष के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया । तथा पीयूष की तलाश के लिए उन्होंने एनडीआरएफ टीम को सूचना दे दी है। मंगलवार को एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंचकर पीयूष को खोजने में जुटेगी।