उनका पैकिंग बैग बुलेट पर ही बंधा था। बदमाश बुलेट से भाग निकले थे। घटना के समय शशांक के दोस्त पीछे थे। वह जब पहुंचे तो बदमाश भाग चुके थे। दोस्त के मोबाइल से पुलिस को सूचना दी गई। एफआईआर दर्ज कराने के बाद शशांक वापस कोलकाता चले गए थे। घटना के खुलासे में जुटी पुलिस को कुछ दिन एक सुराग मिला। बदमाशों ने लूट के बाद बुलेट झूंसी के शेरडीह के रहने वाले लालजी यादव के घर खड़ा कर दिया था। पुलिस लाल जी तक पहुंच गई। इसके बाद खुलासा हुआ कि घटना को विपिन पासी, आकाश यादव और महेंद्र उर्फ फुल्लर सरोज ने अंजाम दिया था।
लूटे गए सामानों को लाल जी यादव और राजेंद्र कुमार के यहां रखा गया था। पुलिस ने आज लालजी और विपिन को गिरफ्तार कर लिया। आकाश, महेंद्र और राजेंद्र की तलाश में दबिश दी जा रही है। उनके पास से बुलेट, पैकिंग बैग, तमंचा और तीन हजार भी बरामद हुआ है। इंस्पेक्टर कुशल पाल सिंह ने बताया कि बदमाशों ने उसी रात एक वकील और लेखपाल को भी लूटा था। वकील के दोनों मोबाइल और लेखपाल से लूटे गए रुपये बरामद हो गए हैं।