चार हजार किसानों को दिया गया मुआवजा
अगले माह इस परियोजना के निर्माण के लिए एजेंसी के यहां पहुंचने की उम्मीद है। शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग-दो पर प्रस्तावित इनर रिंग रोड परियोजना के प्रथम चरण के लिए जिले के 45 गांवों के चार हजार किसानों की 195 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत अधिग्रहीत की गई है। इनर रिंग रोड परियोजना में प्रभावित होने वाले किसानों के भूमि, भवनों, बगीचों, कुओं के स्वामित्व का मुआवजा जारी कर दिया गया है। रीवा रोड से जीटी रोड पर महुआरी, लवाइन कला होते हुए अंदावा के रास्ते इस रिंग रोड को आगे ले जाकर सहसों के पास एनएच-2 से मिला दिया जाएगा।
पहले चरण का तीन हिस्सों मेंं निर्माण कराया जाएगा। इसके दो भागों के लिए टेंडर खुलने के बाद एजेंसियों को नामित कर दिया गया है। दोनों एजेंसियां अलग-अलग निर्माण कराएंगी, ताकि समय से काम पूरा कराया जा सके। - पंकज मिश्रा, परियोजना निदेशक, एनएचएआई।