सीसैट से प्रभावित पीसीएस परीक्षा के अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिल सकती है। निर्धारित आयु सीमा पूरी कर चुके अभ्यर्थियों को पीसीएस परीक्षा में शामिल होने के लिए दो अतिरिक्त अवसर मिल सकते हैं। चर्चा है कि सचिव कर्मिक ने इस बाबत उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अफसरों से बात की है और एक प्रस्ताव बनाने को भी कहा है। हालांकि, आयोग की ओर से सीसैट से प्रभावित अभ्यर्थियों को एक अतिरिक्त मौका दिए जाने का प्रस्ताव शासन को पहले ही भेजा जा चुका है।
यूपी सरकार की कैबिनेट की पहली बैठक चार अप्रैल को होने जा रही है। अगर इसमें अभ्यर्थियों की मांग के अनुरूप कोई निर्णय हो जाता है तो सीसैट से प्रभावित प्रतियोगियों को परीक्षा वर्ष 2017 एवं 2018 में शामिल होने के लिए दो अतिरिक्त अवसर मिल जाएंगे। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति का दावा है कि शासन ने आयोग से प्रभावित अभ्यर्थियों को दो अवसर देने को कहा है और आयोग ने भी इसे स्वीकार लिया है। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी अवनीश पांडेय ने बताया कि एमएलसी डीपी सिंह प्रतियोगियों की तरफ से सचिव कार्मिक से मिलने गए थे। सचिव ने आयोग के अफसरों से बात करते हुए सीसैट से प्रभावित छात्रों को दो अतिरिक्त अवसर देने को कहा है। मीडिया प्रभारी का दावा है कि आयोग भी इस पर राजी है।
फिलहाल चार अप्रैल को होने वाली कैबिनेट की बैठक के बाद साफ हो जाएगा कि अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी या नहीं। गौरतलब है कि वर्ष 2012 में उप्र लोक सेवा आयोग में पीसीएस की परीक्षा में सीसैट पैटर्न लागू किया गया था और उसी वर्ष परीक्षा में आयु सीमा 35 से बढ़ाकर 40 वर्ष की गई थी लेकिन आयु सीमा में मिली छूट का लाभ 2013 से छात्रों को नहीं मिल पाया। अब चर्चा है कि इसी आधार पर वर्ष 2013 से 2016 तक ओवरएज हुए छात्रों को दो अतिरिक्त अवसर दिए जा सकते हैं।