जिला पंचायत भवन में अपर मुख्य अधिकारी के विदाई समारोह में हुए अश्लील डांस मामले में अफसरों को बचाने की कवायद की जा रही है। एक सरकारी भवन में इस तरह के कार्यक्रम को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने जांच का आदेश दिया है लेकिन अब अफसर एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टाल रहे हैं। एक अफसर का तो यहां तक कहना है कि जांच के लिए उन्हें लिखित में कोई आदेश नहीं मिला है।
पंचायत भवन में 31 जनवरी को समारोह आयोजित कर अपर मुख्य अधिकारी को विदाई दी गई थी। उसमें मुंबई से बार डांसर बुलाई गईं थी तो तमंचा भी लहराया गया। अगले दिन अमर उजाला में प्रमुखता से खबर छपने के बाद डीएम सुहास एलवाई ने सीडीओ को जांच का निर्देश दिया था। इसके लिए उन्होंने लिखित आदेश जारी किया। इसके बाद सीडीओ ने जिला विकास अधिकारी को जांच का आदेश दिया लेकिन दोषियों से अभी तक पूछताछ तक नहीं हुई। जांच में शामिल एक अफसर का कहना है कि सीडीओ की ओर से अभी लिखित आदेश नहीं दिया गया है। इस तरह से अफसर एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टालने के साथ दोषियाें को बचाने की कवायद में जुट गए हैं।