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ट्रक ने मारी टक्कर, स्कूटीसवार सीए की मौत, ट्रक छोड़कर भागा चालक

Tue, 03 Nov 2020 12:41 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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accident - फोटो : graphic
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कीडगंज में जीटी जवाहर चौराहे पर हुए हादसे में चार्टर्ड अकाउंटेंट बलरामचंद्र पांडेय (65) की मौत हो गई। अनियंत्रित ट्रक ने उनकी स्कूटी को चपेट में ले लिया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद चालक ट्रक छोडक़र भाग निकला। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। 
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बलराम पुत्र कामता प्रसाद पांडेय सिविल लाइंस में नवाब युसुफ रोड स्थित संगम बिहार कॉलोनी के रहने वाले थे। सोमवार को वह पंजाब नेशनल बैंक की अलोपीबाग शाखा में ऑडिट के काम के लिए गए थे। शाम सवा छह बजे के करीब वह स्कूटी से घर लौटने लगे। तभी जीटी जवाहर पर ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। इस दौरान स्कूटी ट्रक के अगले हिस्से में फंस गई जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। आसपास के लोग दौड़े तो चालक ट्रक छोडक़र भाग निकला। लोग उन्हें अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे लेकिन इसी दौरान उनकी सांसें थम गईं।

सूचना पर पहुंची कीडगंज पुलिस ने जेब में मिले मोबाइल के जरिए सूचना दी तो घरवाले आ गए। जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कीडगंज इंस्पेक्टर रोशनलाल ने बताया कि ट्रक को कब्जे में ले लिया गया है। मुकदमा दर्ज कर आरोपी चालक की तलाश की जा रही है। उधर हादसे से मृतक के घर में मातम छाया रहा। उनके दो बेटों में तुषार भी चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं जबकि एक बेटा विदेश में रहता है। जानकारी मिलने पर तमाम परिचित भी पीड़ित परिवार को ढंाढस बंधाने घर और अस्पताल में पहुंचे। 

तीन दिन पहले लागू बदलाव बना काल

हादसे में जान गंवाने वाले सीए के लिए शहर की यातायात व्यवस्था में दो दिन पहले लागू बदलाव काल बन गया। दरअसल शहर में सुबह पांच से रात 10 बजे तक नो इंट्री लागू है यानी इस दौरान भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित है। हालांकि तीन दिन पहले ही नैनी-अंदावा रूट पर इस व्यवस्था में आंशिक बदलाव किया गया था। इसके तहत इस रूट पर नो इंट्री व्यवस्था सुबह पांच से दोपहर तीन बजे तक ही प्रभावी रहेगी। इसी व्यवस्था के तहत सोमवार को भी दोपहर तीन बजे से ट्रकों का आवागमन शुरू हो गया था। 

तो लगातार बना रहेगा हादसे का खतरा

उधर जानकारों का कहना है कि यह बदलाव शहरियों की जान पर भारी पड़ सकता है। इसलिए क्योंकि सुबह के बाद शाम को सडक़ों पर ट्रैफिक का दबाव ज्यादा रहता है। झूंसी व नैनी के अधिकांश लोगों को नौकरी के सिलसिले में शहर आना पड़ता है। शाम को सभी घर लौटते हैं और ऐसे में इस दौरान नो इंट्री में छूट से हादसे का खतरा हमेशा बना रहेगा।
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