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माघ मेला : एक पांटून पुल पर आवागमन शुरू, आज से माघ मेला में शुरू होगा भूमि आवंटन

Thu, 21 Dec 2023 12:48 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इसी तरह एक जनवरी 24 को रामानुज मार्ग, दो जनवरी को काली मार्ग, गंगोली शिवाला मार्ग, सेक्टर-1 एवं 2, परेड, शास्त्री गाटा, कबीर नगर, तीन जनवरी को समुद्रकूप मार्ग एवं इंटरलाॅकिंग मार्ग सेक्टर -तीन, हरिश्चन्द्र मार्ग, अरैल, समयामाई मार्ग, सूरदास मार्ग, गाटा मार्ग एवं अन्य संस्थाओं के लिए भूमि का आवंटन किया जाएगा।
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माघ मेला 2024 : माघ मेले की चल रही तैयारी। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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माघ मेला क्षेत्र में गंगा पर बनाए जा रहे छह में से एक पांटून पुल पर आवागमन शुरू हो गया है, जबकि दो अन्य पांटून पुल तकरीबन तैयार हो चुके हैं। इन दोनों पुलों को 25 दिसंबर से पहले खोला जा सकता है। शेष तीन पुल का निर्माण भी अब तेज हो गया है। इस बीच मेला में साधु संतों एवं संस्थाओं के लिए भूमि आवंटन का कार्य बृहस्पतिवार 21 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है। इसकी शुरुआत दंडी बाड़ा से होगी।

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दंडी बाड़ा के लिए भूमि आवंटन 21 एवं 22 दिसंबर को होगा। इसके बाद 23 और 24 दिसंबर को खाक चौक का भूमि आवंटन होगा। 26 एवं 27 दिसंबर को आचार्य स्वामी नगर (आचार्य बाड़ा), 28 दिसंबर को संगम लोवर मार्ग, संगम अपर मार्ग एवं सरस्वती मार्ग, महावीर जी मार्ग, 29 को अन्नपूर्णा मार्ग, 30 को तुलसी मार्ग एवं जीटी रोड, 31 को त्रिवेणी मार्ग में भूमि आवंटन होगा।

इसी तरह एक जनवरी 24 को रामानुज मार्ग, दो जनवरी को काली मार्ग, गंगोली शिवाला मार्ग, सेक्टर-1 एवं 2, परेड, शास्त्री गाटा, कबीर नगर, तीन जनवरी को समुद्रकूप मार्ग एवं इंटरलाॅकिंग मार्ग सेक्टर -तीन, हरिश्चन्द्र मार्ग, अरैल, समयामाई मार्ग, सूरदास मार्ग, गाटा मार्ग एवं अन्य संस्थाओं के लिए भूमि का आवंटन किया जाएगा।

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प्रभारी अधिकारी (माघ मेला) ने बताया कि सुविधा पर्चियों के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है। अपरिहार्य परिस्थितियों में उपरोक्त तिथियों में परिवर्तन भी हो सकता है। कहा है कि जिन संस्थाओं/प्रयागवालों द्वारा विगत वर्ष कुंभ/महाकुंभ /माघ मेला अथवा अन्य किसी वर्षों में टिन, टेंटेज, फर्नीचर की सुविधाएं प्राप्त कर वापस नहीं की गई हैं, उन्हें वर्तमान वर्ष में किसी भी प्रकार की भूमि एवं सुविधा देय नहीं होगी। इसके अलावा प्रत्येक शिविर धारक को मेले की संपूर्ण अवधि (माघी पूर्णिमा) तक शिविर बनाए रखना अनिवार्य होगा। सुविधा पर्ची, भूमि आवंटन के दो दिन बाद दी जाएगी।
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