पिछले माह टमाटर 20 रुपये किलो ही बिक रहा था, लेकिन बुधवार को प्रयागराज की तमाम फुटकर सब्जी मंडियों में टमाटर का रेट 100 से 120 रुपये किलो रहा। वहीं गंगापार का लोकल टमाटर भी 80 से 90 रुपये किलो में बिका।
बीते दिनों देश के तमाम स्थानों पर हुई बारिश का असर सब्जियों पर अब देखने को मिल रहा है। टमाटर इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। बीते एक माह में ही टमाटर का दाम पांच गुना बढ़ गया है। पिछले माह टमाटर 20 रुपये किलो ही बिक रहा था, लेकिन बुधवार को प्रयागराज की तमाम फुटकर सब्जी मंडियों में टमाटर का रेट 100 से 120 रुपये किलो रहा। वहीं गंगापार का लोकल टमाटर भी 80 से 90 रुपये किलो में बिका। टमाटर का दाम शतक पार जाने के बाद लोगों की सब्जियों से टमाटर गायब होने लगा है।
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गृहिणियों का कहना है कि दाम में अचानक तेजी होने से रसोई का बजट बिगड़ रहा है। मुट्ठीगंज निवासी गृहिणी प्रीति ने बताया कि टमाटर का एकबारगी काफी बढ़ा है। दारागंज की सुनीता ने बताया कि एक बार में दो किलो टमाटर खरीदती थी। अब बिना टमाटर के ही सब्जी बना रही हूं। दारागंज की ही निधि यादव ने कहा कि टमाटर का दाम बढ़ने से टोमैटो सॉस से ही काम चला रही हूं। जितने रुपये में एक किलो टमाटर खरीदूंगी उसके आधे दाम में टोमैटो सॉस आ जाता है।
उधर थोक मंडी मुंडेरा की बात करें तो वहां भी लगातार टमाटर का दाम बढ़ रहा है। बुधवार को थोक में टमाटर का रेट 80 से 90 रुपये किलो रहा। जानकारों का कहना है कि बीते दिनों हुई बारिश से टमाटर का उत्पादन प्रभावित हुआ। एक माह के भीतर स्थानीय आवक शुरू होने के बाद दामों में गिरावट हो जाएगी। मुंडेरा फल एवं सब्जी विक्रेता महासंघ के अध्यक्ष सतीश कुशवाहा ने बताया कि मंडी में कर्नाटक का ही टमाटर आ रहा है। व्यापारियों को वहीं से ही माल महंगा खरीदना पड़ रहा है। मालभाड़ा आदि देने के बाद ही मंडी में उसका रेट लग रहा है।