भुक्तभोगी पर ही दर्ज कर ली थी रिपोर्ट
मामले में करछना पुलिस की भूमिका शुरू से ही सवालों में रही है। शिकायत के बावजूद पुलिस आरोपियों पर कार्रवाई से आनाकानी करती रही। रिपोर्ट तक नहीं लिखी और 19 जून को युवक के ट्रेन के आगे कूदकर खुदकुशी का प्रयास करने की घटना के दो दिन बाद ही विपक्षियों की तहरीर पर भुक्तभोगी, इसकी पत्नी व पिता पर रिपोर्ट दर्ज कर ली। आरोप है कि सुलह समझौते के लिए पांच लाख रुपये मांगे गए और दबाव बनाकर बार-बार थाने बुलाने से ही उनके पक्ष की एक महिला को हार्ट अटैक आ गया।
12वें दिन भी गंभीर बनी रही हालत
उधर, कमलेश एसआरएन अस्पताल में भर्ती है। 12वें दिन भी उसकी हालत गंभीर बनी रही। पिता ने बताया कि उसका ऑपरेशन हुआ है, लेकिन वह बोल नहीं पा रहा है। कुछ खाने की भी हालत में नहीं है। वह आईसीयू में भर्ती है।
यह है पूरा मामला
करछना के जगौती गांव के रहने वाले कमलेश पटेल की बाइक 14 जून को छीन ली गई थी। इस मामले में कमलेश ने एसडीएम करछना से शिकायत की तो पुलिस को तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए गए। आरोप है कि कमलेश एसडीएम के आदेश वाला प्रार्थनापत्र लेकर थाने पहुंचा तो अतिरिक्त निरीक्षक मनमोहन मिश्रा ने आरोपियों पवन द्विवेदी, मोनू द्विवेदी और पप्पू गुप्ता को बुला लिया। इसके बाद सभी ने मिलकर कमलेश को धमकाया और प्रताड़ित किया। उससे कई सादे कागजों पर हस्ताक्षर भी करवा लिए। इन्हीं सब बातों से परेशान होकर उसने खुदकुशी की कोशिश की।