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Mahakumbh : मौनी अमावस्या पर हजारों विदेशी भक्त लगाएंगे संगम में डुबकी, 29 जनवरी को होगा अमृत स्नान

Wed, 22 Jan 2025 03:46 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, महाकुंभ नगर (प्रयागराज)

सार

महाकुंभ नगर में 29 जनवरी को होने जा रहे मौनी अमावस्या के अमृत स्नान में पुण्य की डुबकी लगाने के लिए 10 करोड़ लोगों के पावन त्रिवेणी के तट पर पहुंचने का अनुमान है। इस पुण्य और पावन अवसर का भागीदार बनने के लिए कई देशों से विदेशी भक्त और श्रद्धालु भी महाकुंभ नगर आ रहे हैं । 
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महाकुंभ में पहुंचे विदेशी संत। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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महाकुंभ नगर में 29 जनवरी को होने जा रहे मौनी अमावस्या के अमृत स्नान में पुण्य की डुबकी लगाने के लिए 10 करोड़ लोगों के पावन त्रिवेणी के तट पर पहुंचने का अनुमान है। 29 जनवरी को मौनी अमावस्या का अमृत स्नान होगा। मेला प्रशासन के दावे के मुताबिक इस स्नान पर्व में 7 से 10 करोड़ के बीच श्रद्धालुओं और पर्यटकों के महाकुंभ पहुंचने का अनुमान है, जिसे लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। प्रशासन के साथ साथ  साधु संतों के शिविरों में भी इस पावन अवसर पर अमृत स्नान के लिए आने वाले भक्तों के लिए व्यवस्था की जा रही है।

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श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी शैलेशानंद गिरि बताते हैं कि अकेले उनके शिविर में इस पुण्य पर्व पर फ्रांस, इटली, जापान और रूस से पांच  हजार से अधिक विदेशी भक्तों के लिए व्यवस्था की जा रही है। पायलट बाबा के ये सभी भक्त 24 जनवरी से पहुंचने लगेंगे।  

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शत्रुता का भाव त्याग शिव नाम का जाप कर रहे हैं यूक्रेन और रूस से आए विदेशी संत

विश्व बंधुत्व का भाव भारतीय संस्कृति का मूल है जिसमें सभी तरह के भेद और विचारों का शमन हो जाता है। सनातन के गर्व, महाकुंभ पर्व पर शांति, मुक्ति और सद्भाव की त्रिवेणी प्रवाहित हो रही है। प्रयागराज महाकुंभ में पायलट बाबा के शिष्य महा मंडलेश्वर स्वामी विष्णुदेवानंद जी के शिविर में इसकी एक अद्भुत झलक देखने को मिल रही है। यहां युद्धरत देशों यूक्रेन और रूस के नागरिक एक ही मंच पर एक साथ अपने गुरु के सानिध्य में विश्व शांति के लिए शिवनाम का जाप कर रहे हैं। रूस के नागरिक एंड्री बताते हैं कि  पहली बार वह त्रिवेणी संगम आए हैं, यहां इतने सारे लोगों को एक साथ देखकर आंखों को यकीन दिलाना मुश्किल है।

गंगा में डुबकी लगाना एक रहस्य जैसा अनुभव है। एंड्री कहते हैं कि वह भगवान शिव के भक्त हैं और इसलिए वह विश्व की शांति की कामना के लिए अपने गुरु के चरणों में प्रार्थना करते हैं, सभी भेद अब मिट गए हैं। वहीं, यूक्रेन से आए ओली सिमोवा भी स्वामी विष्णुदेवानंद जी के शिविर में रूसी नागरिक एंड्री के साथ मिलकर शिवनाम का जाप करते हैं। सिमोवा बताते हैं कि दस साल से वह इंडिया आ रहे हैं। गुरु के मार्ग दर्शन में भगवान शिव का ध्यान ही उनकी दुनिया है उनके लिए देश और राज्य की सीमाओं का भेद अब मिट चुका है।
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