होली पर हुआ था विवाद
परिजनों के मुताबिक, मनीष और राजेश पांडेय के बीच होली पर मामूली विवाद हुआ था। मृतक के पिता संतोष ने बताया कि राजेश शराब के नशे में विवाद के बाद मारपीट किया था। उसके बाद कोई विवाद नहीं हुआ। शायद उक्त आरोपियों की इसी बात की रंजिश थी। वहीं, बारा थाना प्रभारी विनोद कुमार का कहना है कि उस दौरान दोनों पक्षों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की गई थी। उसके बाद किसी प्रकार की शिकायत नहीं दी गई थी।
चार घंटे में एक आरोपी गिरफ्तार
मनीष की हत्या की सूचना पर पर डीसीपी यमुनानगर श्रद्धा नरेंद्र पांडेय, एडीसीपी अभिजीत कुमार, एसीपी बारा संत लाल सरोज, एसीपी कौंधियारा विवेक कुमार यादव, इंस्पेक्टर बारा विनोद कुमार, शंकरगढ़ पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। घटना की जांच पड़ताल के बाद मृतक के परिजनों से कई बिंदुओं पर जानकारी ली। किंतु, परिजन सिर्फ होली पर हुए विवाद को ही बार बार दोहराते रहे। डीसीपी श्रद्धा पांडे काफी समय तक क्षेत्र में डटी रही है। उनके निर्देश पर पुलिस ने महज चार घंटे में ही एक नामजद आरोपी दीपक पांडे को गिरफ्तार कर लिया है।
पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल
मृतक मनीष अपने पिता की तीन संतानों में सबसे बड़ा था। उसकी एक बहन और छोटा भाई आशीष है। बड़ा बेटा होने के चलते परिवार के साथ अपने बच्चों के पालन पोषण की जिम्मेदारी मनीष पर थी। मृतक के दो बेटी सुहानी, रोली और एक बेटा कृष्णा है। पत्नी प्रतिभा मौत की खबर सुनते ही बिलख पड़ी। उनके आंसू थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस हत्या से हर कोई स्तब्ध था। परिवार के लोग पत्नी को सांत्वना देकर समझाते रहे।
गांव में पसरा सन्नाटा
मनीष की हत्या के बाद भेलाव गांव में सन्नाटा पसर गया। किसी को यकीन नहीं हो रहा है कि उनके गांव में किसी की हत्या हो गई। दिनदहाड़े हुई घटना से लोग डरे-सहमे हैं। कुछ भी बोलने से इन्कार कर रहे है। वहीं, कुछ लोग होली पर हुए विवाद को हत्या का मुख्य कारण बता रहे हैं तो कुछ लोग दबी जुबान से प्राॅपर्टी का विवाद बता रहे है। हालांकि, इसमें कितनी सच्चाई है पुलिस इसकी जांच में जुटी हुई है।
होली पर मृतक और आरोपियों के बीच मामूली विवाद हुआ था। जिसमे दोनों पक्षों की तरफ से मुकदमा दर्ज किया गया था। आपस में रंजिश चल रही थी। मामले में एक आरोपी गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें लगाई गई हैं। जल्द ही अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। - श्रद्धा नरेंद्र पांडे, डीसीपी, यमुनानगर