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प्रयागराज : गजब का बुखार है, आठ दिन देनी पड़ रहीं दवाइयां, अस्पतालों में लग रही मरीजों की लंबी कतार

Fri, 22 Sep 2023 01:12 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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डेंगू वार्ड में भर्ती मरीज। - फोटो : अमर उजाला।
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मौसम के बदला तेवर लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। वायरल बुखार पीड़ितों की भरमार है। हर घर में कोई न कोई सदस्य बीमार है। बुखार इस कदर लोगों को जकड़ रहा है कि चिकित्सक भी हैरान हैं। अमूमन तीन से पांच दिन में उतरने वाला बुखार के लिए 8 दिन दवाइयां देनी पड़ रही हैं। फिर भी मरीजों को आराम नहीं मिल रहा है।

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बुखार पीड़ितों के हाथ-पैर के जोड़ों में दर्द, सिर दर्द, शरीर पर लाल चकत्ते भी दिख रहे हैं। इन लक्षणों को देख लोग डेंगू या फिर चिकनगुनिया की आशंका से परेशान हो रहे हैं। मगर जांच होने पर रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। चिकित्सकों के मुताबिक उमस भरी गर्मीं इस संक्रमण का कारण बना है।
 

बुखार पीड़ित मरीजों के मुताबिक उन्हें बुखार से ज्यादा जोड़ों में दर्द और सुस्ती से परेशानी हो रही है। यदि पांच से सात दिन में बुखार उतर रहा है तो हड्डियों और नसों के दर्द से आराम मिलने में ज्यादा समय लग रहा है। यही नहीं दवाएं बंद होने के बाद किसी भी काम में मन नहीं लगना, बड़ी परेशानी बनी है। बुखार उतरने के बाद भी मुंह का कसैलापन और सिर का भारी होना, कम नहीं हो रहा है।

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सांसों के माध्यम से एक दूसरे तक पहुंच रहे विषाणु

चिकित्सकों की मानें तो यह वायरल संक्रमण एक से दूसरे व्यक्ति में बहुत आसानी तथा बड़ी तेजी से पहुंचता है। इसके विषाणु शरीर के छूने से नहीं बल्कि सांस द्वारा पहुंचते हैं। इसके बाद संक्रमित को फ्लू एक से दो दिन तथा कभी-कभी कुछ घंटों में ही सक्रिय होकर जकड़ लेता है। समान्यत: वायरल बुखार के लक्षण अन्य बुखार के समान ही होते हैं। जैसे तेज बुखार, सिर और बदन में दर्द, तेज सूखी खांसी, जुकाम, गले में खराश, छींक आना, नाक व आंख से पानी आना आदि, लेकिन इस बार यह बुखार पीड़ित को छोड़ने का नाम ही नहीं ले रहा है। सरकारी हो या निजी अस्पताल, हर जगह मौसम जनित बीमारियों और बुखार पीड़ितों की भीड़ लगी है।

चिकित्सकों के मुताबिक वायरल बुखार में शरीर का ताप 101 से 105 डिग्री तक पहुंच रहा है। यदि समय पर उचित इलाज किया जाए तो यह बुखार सप्ताह भर में ठीक हो जाता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो रहा है। स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. आरके पाठक का कहना है कि मौसमी बुखार हर साल होता है। मगर इस बार कम बारिश और उमस बरकरार रहने की वजह से यह बुखार तेजी से फैल रहा है। यही नहीं एंटीबायोटिक दवाओं के साथ अन्य दवाएं 8 दिन तक देने के बाद भी मरीज को राहत नहीं मिल रही है।

डॉ. पाठक के मुताबिक भारी उमस के बीच जब डेंगू का खतरा बना है। ऐसे में अगर किसी को तेज बुखार या फिर बदन दर्द की शिकायत है तो बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न खाएं। इसके अलावा अधिक से अधिक पानी पीएं। बुखार के साथ अन्य दिक्कतें बनी रहें तो खून की सामान्य और डेंगू की जांच जरूर कराएं।

ये हैं लक्षण

- अचानक बुखार आना
- सिर दर्द, बदन दर्द
- गले में खराश
- नाक-आंख में खुजली होना, पानी आना आदि
- बेचैनी महसूस होना व हरारत के साथ शरीर दर्द की शिकायत
- भूख न लगना

बचाव के उपाय

- हल्का तथा सुपाच्य भोजन ग्रहण करें
- तरल पदार्थ, ताजे फल तथा सब्जियाें का सेवन अधिक करें
- अचार-चटनी, नींबू, मिर्च, तली-भुनी चीजें, आइसक्रीम, ठंडे पानी आदि का सेवन न करें
- धूम्रपान, मद्यपान और नोजल ड्रॉप्स का प्रयोग न करें
- सूप और तुलसी व अदरक की चाय का सेवन करें
- गर्म पानी में शहद मिलाकर पीएं
- भाप लें और गर्म पानी में नमक मिलाकर गरारा करें
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क्या कहते हैं विशेषज्ञ
 
 
वायरल इंफेक्शन का मौसम चल रहा है। सार्वजनिक स्थानों पर मुंह व नाक पर कपड़ा रखकर जाएं। बाहर निकलें तो मास्क लगाएं। ऐसे वातावरण के संपर्क में आने से बचें जहां अचानक तेजी से तापमान बदलता हो। एसी से निकलकर धूप में जाना या धूप से एसी लगे कमरे में जाना बीमार कर सकता है। एकाएक ठंडक या गर्मी के संपर्क में आने से शरीर को संक्रमण जकड़ सकता है। - डॉ. मनोज माथुर, प्रोफेसर, मेडिसिन विभाग, मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज

48 घंटे में दस लोगों में डेंगू की पुष्टि

जिले में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले दो दिनों के अंदर दस नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही डेंगू मरीजों की कुल संख्या 96 हो गई है। नए संक्रमितों में ग्रामीण क्षेत्रों के मुकाबले शहरी क्षेत्र के ज्यादा हैं। बृहस्पतिवार को सिविल लाइंस, नैनी, कालिंदीपुरम, शांतिपुरम व बैरहना में रहने वाले पांच बुखार पीड़ितों में डेंगू की पुष्टि हुई है।

जिला मलेरिया विभाग की टीम ने उन स्थानों के आसपास के 50 घरों में जांच अभियान चलाया, जहां डेंगू पीड़ित मिले हैं। उन इलाकों में एंटी लार्वा का छिड़काव कराने के साथ ही बुखार पीड़ित मरीजों रक्त नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए। बुधवार को भी डेंगू के पांच नए मामले पुष्ट हुए थे। इसमें से दो मरीज धनूपुर, एक बहादुरगंज, एक सिविल लाइंस व एक नैनी के रहने वाले हैं। 
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