रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) इलाहाबाद की ओर से विभिन्न पदों के लिए आयोजित ऑनलाइन परीक्षा के पेपर लीक प्रकरण के बाद अब 22 अप्रैल को हुई परीक्षा के निरस्त होने की संभावना बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि रेलवे बोर्ड की ओर से विजलेंस जांच की घोषणा के बाद 22 अप्रैल को हुई परीक्षा को निरस्त किए जाने का ऐलान इसी हफ्ते संभव है। इस बीच मंगलवार को आरआरबी की ऑनलाइन परीक्षा यूपी समेत तीन राज्यों के कई शहरों में शुरू हुई। परीक्षा 30 अप्रैल तक होनी है। उधर, इस प्रकरण के बाद आज सभी परीक्षा केंद्रों पर सख्ती रही। अधिकांश परीक्षा केंद्रों पर पुलिस भी तैनात रही।
22 अप्रैल को यूपी एसटीएफ द्वारा आरआरबी इलाहाबाद के ऑनलाइन परीक्षा के पेपर लीक प्रकरण के खुलासे के बाद से ही चर्चा है कि संबंधित तिथि को ली गई परीक्षा निरस्त हो जाएगी। हालांकि, अभी आरआरबी ने परीक्षा निरस्त करने की घोषणा नहीं की है। इस मामले में रेलवे बोर्ड की विजलेंस टीम द्वारा भी जांच की जानी है। आरआरबी की तकनीकी टीम की भी जांच जारी है। दरअसल, आरआरबी ने भी माना है कि जो पेपर लीक हुआ है उसका मिलान ऑनलाइन पेपर के एक सेट से हुआ है। चर्चा इस बात की भी है कि संबंधित तिथि को इलाहाबाद समेत 20 से ज्यादा शहरों में ऑनलाइन परीक्षा हो रही थी। ऐसे में तय है कि लीक पेपर का सेट अन्य केंद्रों में भी वायरल हो गया हो।
हालांकि, आरआरबी प्रशासन ने अभी ऐसी किसी भी संभावना से इनकार किया है। आरआरबी इलाहाबाद के चेयरमैन एनपी सिन्हा का कहना है कि फिलहाल जब तक तकनीकी टीम की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक 22 अप्रैल को हुए पेपर को निरस्त करने के बारे में कुछ भी नहीं कहा जा सकता। बताया कि तकनीकी टीम की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस बारे में निर्णय लिया जाएगा। वहीं दूसरी ओर मंगलवार को आयोजित आरआरबी की ऑनलाइन परीक्षा के मद्देनजर सभी केंद्रों में सख्ती रही। शंभूनाथ इंस्टीट्यूट समेत तमाम परीक्षा केंद्रों में अभ्यर्थियों को जांच पड़ताल के बाद ही प्रवेश दिया गया। इस दौरान आरआरबी की टीम ने भी परीक्षा केंद्रों की जांच की। परीक्षा केंद्रों में आज पर्याप्त पुलिस बल भी तैनात रहा।
22 अप्रैल को आरआरबी की ऑनलाइन परीक्षा के पेपर लीक प्रकरण के बाद मंगलवार 26 अप्रैल को ऑनलाइन परीक्षा इलाहाबाद समेत 23 शहरों में हुई। तीन पाली में आयोजित परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से निपटने का दावा आज आरआरबी प्रशासन ने किया है। परीक्षार्थियों की उपस्थिति 63.07 फीसदी रही। परीक्षा देने आए कुछ परीक्षार्थियों ने बताया कि परीक्षा में धांधली रोकने के लिए आरआरबी को कड़े कदम उठाने चाहिए।
धूमनगंज थाना क्षेत्र के एक परीक्षा केंद्र से परीक्षा देकर निकले परीक्षार्थी अमित, पंकज सिंह, रवि प्रकाश आदि ने बताया कि 22 अप्रैल को आरआरबी की ऑनलाइन परीक्षा में पेपर लीक प्रकरण भर्ती बोर्ड की खामी का ही नतीजा है। बोर्ड की सबसे बड़ी गलती यही है कि उसने छोटे संस्थानों को भी परीक्षा केंद्र बना दिया। अभ्यर्थियों ने बताया कि 22 अप्रैल के वाकये के बाद एक बार उनका मन हुआ कि परीक्षा न दें, लेकिन फिर भी अपनी तैयारियों को आजमाने के लिए ही उन्होंने आज परीक्षा दी। धूमनगंज निवासी गुंजन शर्मा, कीडगंज के अरविंद मिश्र पेपर लीक प्रकरण के पहले ही इस परीक्षा में शामिल हो चुके हैं।
उन्होंने बताया कि आरआरबी प्रशासन को चाहिए कि यह परीक्षा पूर्ण रूप से निरस्त कर दें, क्योंकि हो सकता है कि 22 अप्रैल से भी पहले भी कई तिथियों में इस परीक्षा का पेपर लीक हुआ हो। वहीं दूसरी ओर मंगलवार को इलाहाबाद, आगरा, अलीगढ़, अमरोहा, बांदा, बिजनौर, बुलंदशहर, चित्रकूट, देहरादून, फैजाबाद, ग्वालियर, हल्द्वानी, झांसी, कानपुर, कौशाम्बी, मथुरा, मुरादाबाद, नजीबाबाद, रायबरेली एवं रुड़की शहर में आयोजित इस परीक्षा में आज 45244 परीक्षार्थियों में से 28534 ने ऑन लाइन परीक्षा दी। परीक्षा बुधवार को भी होगी।