अभी ज्यादा दिन बीते जब सांसद अतुल राय पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली पीड़िता ने खुद को व मुकदमे के गवाह को फर्जी मुकदमों में फंसाए जाने समेत तमाम आरोप लगाते हुए आत्मदाह कर लिया। इसके बावजूद पुलिस ने कोई सबक नहीं लिया। प्रयागराज में भी एक ऐसा ही खेल हुआ। दुष्कर्म मामले के गवाह को फर्जी तरीके से जेल भेज दिया गया। मामला एक आला अफसर तक पहुंचा तो आननफानन में कोर्ट में रिपोर्ट भेजकर उसे रिहा भी करा दिया गया। फिलहाल इस मामले में जांच बिठा दी गई है।
2019 में कर्नलगंज में हुआ था केस
नवंबर 2019 में 25 वर्षीय युवती ने एक कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर के खिलाफ कर्नलगंज थाने में दुष्कर्म, मारपीट, धमकी, गालीगलौज समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया। कई दिनों तक फरार रहने के बाद आखिरकार आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इसी साल वह जमानत पर रिहा हो गया। खेल इसके बाद शुरू हुआ।
दुष्कर्म मामले में पीड़िता का एक परिचित गवाह था। पुलिस ने इसी साल अगस्त में हंडिया थाने में दर्ज दुष्कर्म के एक मुकदमे में उसे जेल भेज दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि इस मुकदमे से गवाह का दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं था। कर्नलगंज में केस दर्ज कराने वाली दुष्कर्म पीड़िता इस बात की शिकायत लेकर थाने व अफसरों के पास गई तो उसे भगा दिया गया।