इलाहाबाद ब्यूरो। उत्तराखंड के पहाड़ों व मध्य प्रदेश के मैदानी इलाकाें में हो रही बारिश के बाद गंगा-यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) की रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को गंगा का जलस्तर फाफामऊ में सुबह आठ बजे 78.020 मीटर, छतनाग में 73.060 मीटर और यमुना का जलस्तर नैनी में 73.600 मीटर दर्ज किया गया।
अधिकारियों की ओर से नदियों के बढ़ते जलस्तर की रिपोर्ट सीडब्ल्यूसी को भेज दी गई है। सिंचाई विभाग बाढ़ प्रखंड अधिकारियों ने बताया कि सुबह आठ से लेकर सायं चार बजे तक गंगा के जलस्तर में 27 सेमी और यमुना के जलस्तर में सात सेमी की वृद्धि दर्ज की गई है। यह स्थिति तब है जबकि गंगा के मैदानी इलाकों में बारिश नहीं हो रही है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक यदि उत्तराखंड के पहाड़ी व यूपी के मैदानी इलाकों में बारिश होती है तो गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ेगा।
दूसरी ओर नदियों का जलस्तर बढ़ने के साथ ही किनारों व घाटों पर कटान तेज हो गई है। संगम स्नान को आ रहे स्नानार्थियों के साथ किसी भी प्रकार का हादसा न हो, इसके लिए प्रशासन की ओर से कोई भी इंतजाम नहंीं किया गया है। वहीं नदियों का जलस्तर बढ़ने के साथ ही कछार में बसे लोगों को बाढ़ का डर सताने लगा है। नदियों का जलस्तर कहीं अचानक न बढ़ जाए और भारी मुसीबत न खड़ी हो जाय, इससे खौफजदा लोगों ने अभी से ही बोरिया बिस्तर समेटना शुरू कर दिया।