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पीछे से आ रही है आफत, उल्टी बहेंगी गंगा

Thu, 19 Sep 2019 01:22 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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prayagraj me flood - फोटो : प्रयागराज
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यमुना को विकराल करने को पीछे से आफत आ रही है। बेतवा का पानी यमुना के साथ बैक फ्लो करेगा। इससे गंगा उल्टी दिशा में बहेंगी। मुश्किल टोंस का जलस्तर बढ़ने से भी है। मेजा-सिरसा में 24 घंटे में आधा मीटर जलस्तर बढ़ा है। चार सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पानी बढ़ रहा है और गंगा जल को आगे बढ़ने से रोक रहा है। यह परिस्थिति बाढ़ के हालात और बिगड़ने का संकेत दे रही हैं।
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नरौरा और कानपुर बैराज से अब पानी छोड़ने की सूचना नहीं है। इससे गंगा का उफान कम होने के आसार थे, लेकिन पीछे से आ रहा बेतवा का पानी बृहस्पतिवार से कहर बरपाने लगेगा। चंबल और राजस्थान से छोड़ा गया पानी फिलहाल औरेया और हमीरपुर में दिख रहा है। संभावना है कि बेतवा का पानी अगले 24 घंटे में यमुना को विकराल करेगा। 

जानकार बताते हैं कि इस स्थिति में यमुना में जल का दबाव गंगा को बैक फ्लो करेगा। तय है यमुना में बाढ़ के दबाव में गंगा उल्टी बहेंगी। इसमें टोंस का जलस्तर बढ़ना भी कारक बनेगा। मेजा-सिरसा घाट पर तेजी से बढ़ रहा पानी गंगा के बहाव को बाधित कर मेड़ बना रहा है। देर रात दोनों नदियों के जलस्तर में वृद्धि अगले तीन दिनों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन सकती है।
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सिंचाई बाढ़ खंड के एक्सईएन बृजेश सिंह के अनुसार गंगा-यमुना के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। चंबल का जल स्तर तेजी से घटने लगा है। इससे राजस्थान की ओर से जल दबाव अब दोबारा बढ़ने की आशंका नहीं है। हालांकि हमीरपुर में दो सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से जल स्तर में वृद्धि हो रही है। इससे माना जा रहा है कि पानी अभी और बढ़ेगा। जल स्तर में अभी कितनी और वृद्धि होगी, इस पर अभी सटीक तौर पर कुछ भी नहीं कहा जा सकता। उन्होंने बताया कि मंगलवार को कुछ देर के लिए गंगा स्थिर हो गई थी, लेकिन फिर एक से डेढ़ सेमी की वृद्धि शुरू हो गई। 

बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे एडीजी
बाढ़ राहत के मद्दनेजर की गई पुलिस व्यवस्था को जांचने एडीजी सुजीत पांडेय बुधवार को अचानक एनी बेसेंट चौकी व राहत केंद्र पर पहुंच गए। वहां पहुंचकर उन्होंने बाढ़ पीड़ितों के साथ ही पुलिसकर्मियों से भी बातचीत की। पीड़ितों को हरसंभव मदद का आश्वासन देने के साथ ही पुलिसकर्मियों को सतर्क व सचेत रहने के निर्देश भी दिए। 

एडीजी रात आठ बजे के करीब सबसे पहले एनी बेसेंट बाढ़ राहत कैंप पहुंचे। यहां उन्होंने बाढ़ पीड़ितों से बात करने के बाद उनकी समस्याएं भी पूछीं। इसके बाद उन्हेांने कैंप में बनी राहत चौकी का जायजा लिया और यहां तैनात पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए कि हर हाल में पीड़ितों की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके बाद उन्होंने बख्शीबांध बाढ़ राहत चौकी और फिर संगम पहुंचकर भी जायजा लिया। बख्शीबांध के पास नावों के संचालन पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने इस पर रोक लगाने के भी निर्देश दिए। कहा कि राहत कार्यों के अलावा किसी भी तरह की नावों का संचालन न किया जाए। मौके पर डीआईजी केपी सिंह, एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज, एसपी सिटी बृजेश कुमार श्रीवास्तव भी मौजूद रहे। 


तमाशबीनों को एसपी सिटी ने हटवाया
प्रयागराज। उधर शाम को बाढ़ का नजारा देखने के लिए बख्शींबांध रोड पर जुटे लोगों को एसपी सिटी ने हटवाया। दरअसल बाढ़ का नजारा लेने के लिए भी इन दिनों लोग काफी उत्सुक हैं। इसी के तहत शाम को बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंच गए थे। इसी दौरान निरीक्षण को निकले एसपी सिटी ने नाराजगी जताते हुए पुलिसकर्मियों को वहां से लोगोें को हटाने का निर्देश दिया। बताया कि जरा सी लापरवाही पर हादसा हो सकता था। ऐसे में लोगों को वहां से फौरन हटवाया गया। 
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