राज्य शैक्षिक अनुसंधान परिषद (एससीईआरटी) से संबद्ध उच्च अध्ययन शिक्षा संस्थान (आईएएसई) में बीएड कक्षाएं शुरू की जाएंगी। संस्थान को पूर्व में सीपीआई के रूप में जाना जाता था। राज्य सरकार की ओर से एलटी कोर्स बंद किए जाने के बाद सीपीआई का नाम बदलकर इसे आईएएसई कर दिया गया था। आईएएसई की ओर से बीएड कोर्स शुरू किए जाने के लिए लंबे समय से प्रयास चल रहे थे। संस्थान को 100 सीटों के साथ बीएड कोर्स चलाने के लिए एनसीटीई की ओर से हरी झंडी मिल गई है।
एनसीटीई की एक टीम विगत दिनों संस्थान का दौरा करने के बाद कोर्स चलाने की अनुमति दे चुकी है। एनसीटीई से अनुमति के बाद संस्थान को कानपुर विश्वविद्यालय से संबद्धता की आवश्यकता थी, इसके लिए विवि से बीएड कोर्स चलाने की अनुमति मांगी गई थी। विवि के कुलपति ने संस्थान की प्राचार्या नीना श्रीवास्तव से संस्थान से जुड़े शिक्षकों की सूची मांगी थी। इसकी जांच के बाद कुलपति प्रो. जेवी वैशम्पायन ने संस्थान में अधिकारी नहीं शिक्षकों को जोड़ने के लिए कहा। अब एससीईआरटी के निदेशक सर्वेंद्र विक्रम सिंह ने विश्वविद्यालय को संस्थान से जुड़े अधिकारियों की शैक्षिक योग्यता के बारे में जानकारी देकर मान्यता के लिए आग्रह करेंगे।