इलाहाबाद विश्वविद्यालय के परास्नातक पाठ्यक्रमों में आगामी सत्र से क्रेडिट बेस्ड च्वॉयस सिस्टम (सीबीसीएस) लागू होगा। मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) के दबाव के मद्देनजर इस पर सहमति बनी, जबकि सोमवार को हुई एकेडमिक काउंसिल की बैठक में शिक्षकों की कमी तथा सुरक्षा का हवाला देते हुए कई सदस्यों ने इसका विरोध किया। अब मंगलवार को कार्यपरिषद की बैठक में इसे रखा जाएगा।
इसकी नियमावली तैयार करने के लिए डीन, वरिष्ठ शिक्षकों तथा जिन विभागों में सेमेस्टर सिस्टम लागू है उनके हेड की कमेटी बनाई गई है। केंद्रीय दर्जा मिलने के बाद विश्वविद्यालय में पहली बार नेशनल एसेस्मेंट एक्रीडिटेशन काउंसिल (नैक) ग्रेडिंग होने जा रही है। टीम सितंबर में आएगी। बैठक में विभागावार तैयारियों की समीक्षा की गई। कन्वेनर प्रो. जेएन भार्गव ने पॉवर प्रेजेंटेशन के माध्यम से इसे प्रस्तुत किया। विभागाध्यक्षों से शिक्षकों का विवरण, उपलब्धियां समेत अन्य सभी जानकारियां ऑनलाइन करने के लिए भी कहा गया।
बैठक में यूइंग क्रिश्चियन कालेज के बीएड पाठ्यक्रम पर भी चर्चा हुई। सदस्यों का कहना था कि इस कोर्स के लिए नियमों का पालन नहीं किया गया। सदस्यों का कहना था कि नया कोर्स शुरू करने के लिए ऑर्डिनेंस में प्रदत्त नियमों के तहत गठित कमेटी की अनुमति लेनी होती है, लेकिन इसमें इसका पालन नहीं किया गया। इसकी वजह से इस पर कोई निर्णय नहीं लिया जा सका। बैठक में कुलपति, रजिस्ट्रार समेत अनेक सदस्य मौजूद रहे।