भारतीय जनता पार्टी के लिए यूपी कितना जरूरी है कि इसकी झलक मंगलवार को इलाहाबाद के अंदावा इलाके में आयोजित सरदार पटेल किसान विराट सम्मेलन में देखने को मिली। बतौर मुख्य अतिथि यहां शिरकत करने आए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि भले ही कई राज्यों में भाजपा की सरकार हो, लेकिन असली विजय तभी होगी जब यूपी में कमल खिलेगा। 2017 में अगर भाजपा की सरकार यूपी में बनती है तो 2019 के लोकसभा चुनाव में भी भाजपा केंद्र में दोबारा आने कोई नहीं रोक सकता, क्योंकिदिल्ली का रास्ता लखनऊ होकर ही जाता है।
शाह ने कहा कि यूपी वाले सपा और बसपा से ऊब चुके हैं। सपा सत्ता में आती है तो गुंडे सक्रिय हो जाते हैं और बसपा आती है तो भ्रष्टाचार हावी हो जाता है। इन दोनों दलों की जुगलबंदी सिर्फ प्रदेश की जनता ही खत्म कर सकती है। मोदी सरकार की बात करें तो बीते दो वर्ष के दौरान उस पर किसी भी तरह के भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा है। इसके लिए यूपी वालों के पास वर्ष 2017 में मौका है कि वे यहां कमल खिलवाएं। किसान सम्मेलन में अमित शाह ने एनडीए गवर्नमेंट की तमाम उपलब्धियां भी गिनाईं और इसी बहाने अखिलेश सरकार एवं कांग्रेस पर निशाना साधा। कहा, मोदी सरकार के सांसद और मंत्री जगह-जगह जाकर अपने काम का हिसाब दे रहे हैं, लेकिन यूपीए की दस साल के शासन में सिवाय घोटालों के कुछ नहीं हुआ।
शाह ने यूपी की जनता से भाजपा के लिए मौका मांगा और वादा किया कि सत्ता में आए तो पांच साल में ही प्रदेश की तस्वीर बदल देगी। कहा, विकास क्या होता है यह भाजपा शासित राज्यों में देखें। केंद्र सरकार की मुद्रा बैंक योजना पर बोले कि देश भर में इस योजना से तकरीबन पौने चार करोड़ लोगों को रोजगार मिल चुका है, लेकिन यूपी में अखिलेश बाबू की कृपा से इसका लाभ जरूरतमंद लोगों को नहीं मिल पा रहा है। लोकसभा चुनाव में यूपी की 80 में 73 सीटें देकर लोगों ने भाजपा को आधी शक्ति दे दी है, लेकिन पूरी शक्ति पार्टी को तभी मिलेगी जब 2017 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को जीत हासिल हो। सम्मेलन में इसकेपूर्व अमित शाह की मौजूदगी में बसपा के पूर्व विधायक प्रवीण पटेल, मिर्जापुर से सपा नेता रमा शंकर पटेल, जौनपुर के ओम प्रकाश सिंह एवं प्रो. राजेंद्र मिश्र ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।