सरकारी जमीन को लेकर सोशल मीडिया पर फैली अफवाह पर मंगलवार को विराम लग गया। नायब तहसीलदार की अगुवाई में राजस्व टीम ने पैमाइश कर सरकारी भूमि को कर्बला की भूमि से अलग कर दिया। इसके साथ ही सरकारी जमीन पर लगे अवैध पिलरों को जेसीबी मशीन की मदद से ध्वस्त कर दिया गया।
कस्बे में कर्बला की भूमि को लेकर सोशल मीडिया पर कतिपय व्यक्ति ने वीडियो वायरल कर अफवाहें फैलाई थी। विवाद बढ़ता देख अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया। मंगलवार को नायब तहसीलदार सोरांव राजेश कुमार के नेतृत्व में राजस्व टीम मौके पर पहुंची।
जमीन की नापजोख के दौरान सामने आया कि जेठवारा मार्ग की रोड पटरी से सटाकर जो सीमेंट और लोहे की रॉड का पिलर लगाया गया है वह वास्तव में सरकारी भूमि के दायरे में आ रहा था।
मौके पर नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी पद्मजा मिश्रा, कृष्ण कुमार नागर, रामकैलाश यादव, शिवसेवक सिंह, देवराज मौर्य, नीलकांत, अमृतलाल मौर्य, महताब आलम और अमृतलाल सरोज आदि रहे। संवाद
- सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों के बाद राजस्व टीम के साथ मिलकर पैमाइश की गई। नवीन परती पर जो पिलर पाए गए थे, उन्हें हटा दिया गया है। क्षेत्र में पूरी तरह शांति व्यवस्था कायम है।
- पद्मजा मिश्रा, अधिशासी अधिकारी, लालगोपालगंज।