थाने के गेट पर इकट्ठी भीड़ भी एक घंटे तक बनी रही तमाशबीन
शाही। जंजीरों से बंधे एक युवक को शाही थाने के गेट पर ही एक घंटे तक परिजन पीटते रहे, लेकिन हैरत इस बात की है कि थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों को इसका पता तक नहीं लगा। इस दौरान थाने के गेट पर भारी भीड़ भी इकट्ठा हो गई और तमाशा देखती रही। थाने के गेट पर इतना कुछ होने के बावजूद पुलिस का कहना है उसे पता नहीं चल पाया। यदि यह हाल थाने के गेट के सामने का है तो क्षेत्र का क्या होगा। सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। शाही पुलिस की यह बेखबरी कुछ दिन पहले बाढ़ में टूटे दुनका-बिहारीपुर पुल गुंडा टैक्स वसूले जाने के मामले में भी सामने आई थी।
रविवार दोपहर करीब 3:30 बजे पंतनगर मोहल्ले के रहने वाला एक मानसिक मंदित 25 वर्षीय युवक घर से निकलकर थाना गेट पर पहुंच गया। उसके हाथों और पैरों में जंजीरें पड़ी हुई थी और उनमें ताले लगे हुए थे। कुछ ही देर में जंजीर से बंधे युवक के आसपास बड़ी संख्या में भीड़ इकट्ठी हो गई। इसी बीच उसके परिजन भी पहुंच गए और वह उसे घर ले जाने के लिए पीटते हुए घसीटने लगे। करीब एक घंटे तक थाने गेट पर ही उसे घसीटते हुए पीटा गया, लेकिन थाने के अंदर से कोई भी पुलिसकर्मी उन्हें रोकने नहीं पहुंचा। न ही भीड़ ने उसे बचाने की जहमत उठाई। किसी ने घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जो कस्बे में वायरल हो गया। शाही एसओ अरविंद कुमार ने बताया कि वह थाने में मौजूद नहीं थे और स्टाफ को अंदर पता नहीं चल सका होगा।