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डेढ़ दशक पहले मुनीम हत्याकांड से सुर्खियों में आया था हिस्ट्रीशीटर अशोक यादव का नाम 

Tue, 10 Nov 2020 09:49 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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prayagraj news : झूंसी में हिस्ट्रीशीटर अशोक यादव का मकान धराशायी करता पीडीए का बुलडोजर। - फोटो : prayagraj
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हिस्ट्रीशीटर एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य अशोक यादव का नाम तकरीबन डेढ़ दशक पहले छतनाग गांव में हुए मुनीम हत्याकांड से सुर्खियों में आया था। तत्कालीन सपा नेता मुनीम यादव की भोर में शौच जाते वक्त गोली और बम मारकर हत्या कर दी गई थी।

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हत्या के बाद गांव में जमकर बवाल, तोड़फोड़ और आगजनी हुई थी। चार साल पहले नैनी जेल गेट के बाहर हुए डबल मर्डर में भी अशोक आरोपी रहा है। तकरीबन सवा साल पहले अशोक पर घर से शहर जाते वक्त अत्याधुनिक असलहों से लैस आधा दर्जन बदमाशों ने गोलियां बरसाई थीं। इस हमले में अशोक व उसका भाई बाल-बाल बच गए थे। 

छतनाग गांव निवासी तत्कालीन सपा नेता मुनीम यादव तथा अशोक यादव उस वक्त साझे में बालू के साथ ही प्रापर्टी का कारोबार किया करते थे। इसी बीच जून 2005 में भोर में घर से शौच को निकले मुनीम पर गोली और बम से ताबड़तोड़ हमला कर हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद गांव में जमकर बवाल, तोड़फोड़ और आगजनी हुई थी।

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Prayagraj News : झूंसी के छतनाग में हिस्ट्रीशीटर अशोक यादव के मकान को ध्वस्त करता पीडीए का बुलडोजर। - फोटो : prayagraj
हत्या के इस मामले में अशोक को हत्या की साजिश रचने का आरोपी बनाया था। झूंसी में जुलाई 2007 में सपा नेता गणेश यादव पर एके 47 से किए गए जानलेवा हमले की कड़ी भी झूंसी के छतनाग हत्याकांड से ही जुड़ी थी। हमले में गोली लगने से एक युवक की मौत हो गई थी। तकरीबन चार साल पहले नैनी जेल गेट के बाहर गोली और बम से किए गए डबल मर्डर का आरोपी भी अशोक यादव रहा है।
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prayagraj news : झूंसी में हिस्ट्रीशीटर अशोक यादव का मकान धराशायी करता पीडीए का बुलडोजर। - फोटो : prayagraj
इसी बीच 17 जून 2019 को घर से अपने भाई राजकुमार के साथ दो टाटा सफारी से निकले अशोक पर छतनाग मोड़ के पास आधा दर्जन बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या की कोशिश की थी। अशोक पर कारबाइन से भी गोलियां चलाई गई थी। हालांकि हमले में अशोक बाल-बाल बच गया था। पूरे प्रकरण में अशोक की तहरीर पर वर्तमान ब्लाक प्रमुख समेत अन्य पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया गया था। मामले की जांच के दौरान कई और तथ्य सामने आए। बाद में पकड़े गए शूटरों ने पुलिस को बताया था कि अशोक की हत्या की सुपारी उन्हें जेल से दी गई थी।
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