सीएए के विरोध में 2020 में करीब ढाई महीने आंदोलन चला था। रोशनबाग के मंसूर अली पार्क में 12 जनवरी को धरना-प्रदर्शन शुरू हुआ था जो लॉकडाउन लगने के बाद 23 मार्च को खत्म हुआ था। इस दौरान बीच-बीच में कई बड़े आंदोलन भी हुए। इसे देखते हुए सीएए लागू होने के बाद सतर्कता बढ़ा दी गई है।
प्रयागराज में करीब 20 हजार लोग ऐसे हैं दूसरे देश से यहां आकर बसे हैं। एलआईयू की एक रिपोर्ट के अनुसार ये लोग यहां के मूल निवासी नहीं हैं। इनमें बड़ी संख्या में हिंदू भी शामिल हैं। जिनके पास आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र समेत अन्य कागजात हैं। कलक्ट्रेट के एक अफसर के अनुसार निर्धारित पोर्टल पर आवेदन व अन्य प्रक्रिया पूरी करके ये लोग भारत की नागरिकता ले सकेंगे। ऑनलाइन माध्यम से प्रक्रिया पूरी की जाएगी। वहीं आवेदक के सत्यापन की जिम्मेदारी जिला प्रशासन पर होगी। हालांकि जिम्मेदार अफसर अभी कुछ भी नहीं बोल रहे। डीएम नवनीत सिंह चहल का कहना है कि कानून व्यवस्था के लिहाज से जरूरी कदम उठाए गए हैं। जहां तक नागरिकता का सवाल है उसके बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। गाइडलाइन आने के बाद उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।