खुल्दाबाद में पुलिस की चौकसी को धता बताते हुए तीन बदमाश बैंक गार्ड विक्रम समदेवा त्रिपाठी से उसकी लाइसेंसी बंदूक लूट ले गए। इससे पहले उसे जमकर पीटा और फिर सड़क किनारे फेंककर भाग निकले। तलाश में जुटी पुलिस ने शनिवार को वारदात में शामिल दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। अफसरों का कहना है कि फरार चल रहे एक बदमाश की तलाश की जा रही है।
भुक्तभोगी गार्ड मूल रूप से जेठवारा प्रतापगढ़ का रहने वाला है और वर्तमान में तेलियरगंज में रहता है। वह एक्सिस बैंक चौक शाखा में गार्ड के तौर पर कार्यरत है। रोज की तरह वह रात में घर लौट रहा था तभी खुसरोबाग गेट के पास उसे स्कूटर सवार तीन युवक मिले। उन्होंने उसे घर तक छोडने के बहाने स्कूटर पर बिठा लिया और फिर जोगीवीर तिराहे पर आकर उसे पीटना शुरू कर दिया।
मारपीट करते हुए बदमाशों ने उसकी लाइसेंसी सिंगल बैरक बंदूक छीन ली और फिर उसे सड़क किनारे स्थित नाले में धकेलकर भाग निकले। कुछ देर बाद घटनास्थल के पास से गुजरे राहगीरों की नजर गार्ड पर पड़ी तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस गार्ड को अस्पताल ले गई जहां उसका प्राथमिक उपचार हुआ। इसके बाद उसकी तहरीर पर अज्ञात में मुकदमा दर्ज कर लुटेरों की तलाश शुरू हुई।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस को बदमाशों की स्कूटर का नंबर मिला और फिर इसी के जरिए वह उन तक पहुंच गई। शनिवार को आरोपी रजत दुबे निवासी भावापुर करेली और राजकुमार शुक्ला निवासी हिम्मतगंज को गिरफ्तार किया गया। इनकी निशानदेही पर बंदूक बरामद की गई। साथ ही वारदात में शामिल एक अन्य बदमाश सूरज पांडेय के घर से घटना में प्रयुक्त स्कूटर भी कब्जे में ले ली गई। पुलिस के पहुंचने से पहले ही सूरज फरार हो गया जिसकी तलाश की जा रही है।
लूट, जानलेवा हमले में भी लापरवाही, दो दिन बाद दर्ज की रिपोर्ट
खुल्दाबाद में बैंक गार्ड विक्रम समदेवा त्रिपाठी से लाइसेंसी बंदूक लूट के मामले में पुलिस की लापरवाही की बात सामने आई है। घटना की जानकारी के बाद भी पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज करने में ही दो दिन लगा दिए। 18 अगस्त को हुई घटना की रिपोर्ट 20 अगस्त को लिखी गई। ऐसा क्यों किया गया, इसका खुल्दाबाद पुलिस के पास कोई जवाब नहीं है।
कोतवाली स्थित एक्सिस बैंक में बतौर गार्ड तैनात तेलियरगंज निवासी विक्रम समदेवा त्रिपाठी से 18 अगस्त की रात लाइसेंसी बंदूक लूट ली गई। घटना खुल्दाबाद के जोगीवीर चौराहे के पास तीन बदमाशों ने अंजाम दी। इस दौरान सिर फोड़कर उसे लहूलुहान भी कर दिया। इसके बाद उसे नाले में फेंककर भाग निकले। राहगीरों की सूचना पर कुछ देर बाद ही पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से लहूलुहान हालत में पड़े गार्ड को अस्पताल ले गई। इसके बाद फोन कर परिवारवालों को जानकारी दी और फिर गार्ड को उनके साथ घर भेज दिया। लूट व हत्या के प्रयास का मामला होने के बावजूद खुल्दाबाद पुलिस ने घटना की रिपोर्ट उस दिन नहीं दर्ज की।
इसके अगले दिन भी मुकदमा नहीं लिखा गया। सूत्रों का कहना है कि घटना के तीसरे दिन यानी 20 अगस्त को गार्ड की पत्नी को दोबारा थाने बुलाया गया और फिर तहरीर लेकर मुकदमा लिखा गया। मुकदमा लिखने में देरी के बाबत खुल्दाबाद इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह यादव का कहना है कि गार्ड की पत्नी की ओर से दो दिन बाद तहरीर दी गई। लेकिन सवाल यह भी है कि लूट व हत्या के प्रयास जैसी गंभीर वारदात होने के बावजूद पुलिस ने मुकदमा लिखाने के लिए कोई पहल क्यों नहीं की। सूत्रों का यह भी कहना है कि मामला दबा रहे, इसलिए पुलिस ने ऐसा किया। जब आरोपी पकड़ में आ गए तो झटपट मुकदमा दर्ज कर खुलासा कर दिया। उधर, घटना में शामिल तीसरे बदमाश सूरज को पुलिस अब तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है।