एसएसपी अजय कुमार के करछना थाने के निरीक्षण की सूचना पुलिस वालों ने ही अपने साथियों को दे दी। एसएसपी ने ऑटो कॉल रिकार्ड से पूरी बातचीत को पकड़ लिया। आपस में ही मुखबिरी के इस अनूठे मामले में आरोपी सिपाही के खिलाफ गाज गिरी। निरीक्षण के दौरान करछना थाने में तमाम खामियां मिलीं। एसएसपी ने दो दरोगाओं समेत दस पुलिस वालों को लाइन हाजिर कर दिया। दस पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गा।
एसएसपी अजय कुमार बुधवार दोपहर करीब एक बजे अचानक करछना थाने पहुंचे। यहां उन्होंने आगंतुक रजिस्टर, महिला हेल्प डेस्क, शिकायत रजिस्ट्रर व परिसर में खड़ी गाड़ियों की जानकारी ली। मौजूद दरोगा द्वारा परिसर में खड़े वाहनों की जानकारी नहीं दी जा सकी। इसके बाद उन्होंने सिपाहियों के ड्यूटी चार्ट देखा। इसमें सिपाही अनुज कुमार यादव की ड्यूटी कौआ चौराहे लगी थी।
जब एसएसपी मौके पर पहुंचे तो उससे ठीक पहले सिपाही अनुज भागता हुआ मौके पर पहुंचा था। उसका मोबाइल चेक किया। कॉल रिकार्ड से पता चला कि साथी सिपाहियों ने उसे एसएसपी के आने पर आगाह किया था। इसके बाद वह पहुंचा। एसएसपी के सवालों के जवाब में उसने एक के बाद एक कई झूठ बोले। काल रिकार्ड से पता चला कि उसने अन्य सिपाहियों को भी एसएसपी के आने की मुखबिरी की थी।
महिला हेल्प डेस्क पर तैनात सिपाही के कार्य में भी लापरवाही पाई गई। इसपर उन्होंने उपनिरीक्षक जनमेजय कुमार, दर्शन लाल वर्मा, मुख्य आरक्षी मुन्नी लाल यादव, आरक्षी अनुज कुमार यादव, सनी कुमार, उपेंद्र कुमार, नीरज कुमार, आनंद सिंह, महिला आरक्षी डिंपल यादव व धनीता निषाद को थाने से पुलिस लाइन संबंध कर दिया गया। पत्रकारों से बातचीत के दौरान एसएसपी ने कहा कि यदि कार्य प्रणाली व थाने की व्यवस्था में सुधार नहीं होता है तो थानाध्यक्ष के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।