घूरपुर इलाके से अपहृत किशोरी के अपहरणकर्ता को पुलिस ने हनी ट्रैप में फंसा लिया। लड़की की फेक आईडी बनाकर अपहर्ता से दोस्ती की गई। चैटिंग के दौरान फोन नंबर मिल गया और पुलिस टीम ने मुंबई जाकर आरोपी को पकड़ लिया। अपहृत युवती को भी बरामद कर लिया गया। ट्रेनी आईपीएस चिराग जैन के फेसबुक ट्रैप की महकमे में काफी चर्चा है।
घूरपुर के एक गांव की किशोरी को कुछ दिन पहले सुरजीत नाम का युवक बहला फुसलाकर भगा ले गया था। परिजनों ने थाने में सुरजीत के विरुद्ध अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। ट्रेनी आईपीएस थाना प्रभारी चिराग जैन ने उसका मोबाइल नंबर को सर्विलांस में लगवाया। लेकिन वह बंद मिला। जांच की गई तो पता चला कि आरोपी युवक फेसबुक आईडी पर सक्रिय है। उसने खुद की और लड़की की फोटो फेसबुक पर पोस्ट की थी।
पुलिस ने उसे पकड़ने एक लड़की की फर्जी आईडी बनाकर सुरजीत को फ्रैंड रिक्वेस्ट भेजी। उसने स्वीकार कर लिया और मैसेंजर पर चैटिंग शुरू हो गई। सुरजीत ने अपना मोबाइल बंद कर रखा था। मुबंई में उसने पांच नए सिम अपने एक रिश्तेदार की मदद से ले लिए थे। चार दिन चैटिंग के बाद पुलिस ने उससे बाद करने के लिए मोबाइल नंबर मांगा। उसने दे दिया। तुरंत उसकी लोकेशन मिल गई। पुलिस मुंबई पहुंच गई।
सुरजीत अपने मकान मालिक के बेटे से लगातार बात कर रहा था। उसको उठा लिया गया। पूछताछ में पूरी पोल खुल गई। पुलिस टीम ने घर जाकर सुरजीत को गिरफ्तार कर लिया। अपहृत युवती भी बरामद हो गई। बुधवार को पुलिस दोनों को घूरपुर ले आई। ट्रेनी आईपीएस चिराग जैन ने बताया कि युवती से पूछताछ हो गई है। उसका मेडिकल कराया जा रहा है।
इसके बाद अदालत में बयान दर्ज कराया जाएगा। युवती के घर वालों के मुताबिक वह नाबालिग है, इसलिए उसे घर वालों को सौंप दिया गया है। आगे की कार्रवाई अदालत के निर्देशों के अनुसार होगी। फिलहाल आरोपी सुरजीत को बृहस्पतिवार को जेल भेज दिया जाएगा।