फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शियाट्स मामले में पुलिस की लचर जांच से हाईकोर्ट नाराज

Thu, 09 Feb 2017 01:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विज्ञापन
अदालत - फोटो : file
विज्ञापन
नैनी स्थित सैम हिंगिन बाटम इंस्टीट्यूट(शियाट्स) परिसर में हुई मारपीट और तोड़फोड़ की घटना में पुलिस की लचर जांच से हाईकोर्ट बेहद नाराज है। घटना में नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी नहीं होने पर अदालत ने जांच अधिकारी को तलब कर कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान ही जांच अधिकारी को उपस्थित होने का निर्देश दिया।
विज्ञापन


शियाट्स के प्राक्टर रामकिशन सिंह की याचिका पर मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पीठ सुनवाई कर रही है। याचिका दाखिल कर कहा गया कि परिसर में हुई मारपीट की घटना में पूर्व सांसद अतीक अहमद सहित दर्जनों लोगों पर नामजद और अज्ञात में प्राथमिकी दर्ज है। पुलिस ने पहले मारपीट और डकैती की धाराओं में केस दर्ज किया था। बाद में डकैती की धारा विवेचक ने हटा दी।

भोजनावकाश के बाद जांच अधिकारी अवधेश प्रताप सिंह उपस्थित हुए तो कोर्ट ने उनसे अभियुक्तों को गिरफ्तार नहीं करने का कारण पूछा। अपर शासकीय अधिवक्ता विकास सहाय ने बताया कि घटना के चश्मदीद गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं। दो आरोपियों की गिरफ्तारी भी की गई है। चूंकि धाराएं सात वर्ष से कम सजा वाले अपराधों की है इसलिए गिरफ्तारी करने के बजाए मामले की जांच की जा रही है।
विज्ञापन


कोर्ट ने कहा कि डीम्ड विश्वविद्यालय के परिसर में मारपीट और तोड़फोड़ जैसी अराजक घटना बेहद गंभीर मामला है। पुलिस छोटे-छोटे अपराधों में अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज देती है। इतनी गंभीर घटना में अभियुक्तों पर नरमी क्यों बरती जा रही है। कोर्ट ने अगली तारीख पर एसपी को अदालत में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। याचिका पर अगली सुनवाई 10 फरवरी को होगी।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें