The friend of the accused was also helpful in the murder of the woman
धूमनगंज के पीपलगांव में हेमा पाल(21) की बेरहमी से हत्या के मामले में नामजद आरोपी प्रीतम यादव का दोस्त भी मददगार था। उसने रुपयों के लालच में हत्या के बाद लाश को ठिकाने लगाने में उसकी मदद की थी। पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार करते हुए दोनों को जेल भेज दिया है। साथ ही उसके कब्जे से मृतका के खाते से निकाले गए 50 हजार रुपये भी बरामद कर लिया।
पीपलगांव में रहने वाली हेमा की चार फरवरी को गला घोंटकर हत्या करने के बाद लाश बोरी में भरकर रेलवे ट्रैक पर फेंक दी गई थी। परिजनों की तहरीर पर पूर्व परिचित झलवा निवासी स्कूल वैन चालक प्रीतम यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू हुई तो उसने हत्या की बात कबूल ली। बताया कि कहीं और शादी तय होने के बाद से हेमा ने उससे दूरी बना ली थी जबकि वह उससे शादी करना चाहता था।
इसी खुन्नस में धोखे से बुलाकर उसने उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने उसके दोस्त सैनी निवासी आकाश को भी हिरासत में लिया था। दरअसल घटनास्थल तक जिस बाइक पर बैठाकर आरोपी प्रीतम हेमा को ले गया, वह उसी की थी। रात तक मामले में उसकी संलिप्तिता की बात सामने नहीं आई थी। लेकिन पुलिस के मुताबिक, देर रात तक चली पूछताछ में वह टूट गया और बताया कि हत्या के बाद लाश को ठिकाने लगाने में उसने प्रीतम की मदद की थी।