हरिसेनगंज-अबू हलीम पट्टी में ताजिया का दीदार करते अकीदतमंद
मुहर्रम की 10वीं तारीख, यौम-ए-आशुरा के मौके पर मऊआइमा कस्बे समेत आसपास के गांवों में गमगीन माहौल में ताजियों के फूल कर्बला में दफन किए गए।
सुबह से ही इमामबाड़ों और घरों में मजलिस का सिलसिला जारी रहा। जाकिरों ने कर्बला के शहीदों का वाकया बयान किया। दोपहर बाद कस्बे और गांवों से अकीदतमंदों ने ताजिया जुलूस निकाला। या हुसैन की सदाओं के बीच अजादारों ने नौहा और मातम किया।
मऊआइमा के हजियाना मोहल्ला स्थित अखाड़ा से निकला जुलूस बहराना चौराहा, गंजिया बाजार,चुनौटा कुंआ होते हुए नाटी इमली चौराहा पहुंचा जहां मियां जी के पूरा से निकला जुलूस मिलकर एक साथ सदर बाजार,हजियाना होते हुए कर्बला पहुंच कर ताजिया के फूल को दफनाया गया। इसी तरह सराय ख्वाजा, जामहा, तेजपुर, बांका जलालपुर और अलावलपुर आदि गांवों में भी स्थानीय कर्बला में ताजियों के फूल सुपुर्द-ए-खाक किए गए। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राममूर्ति यादव खुद फोर्स के साथ जुलूस के रास्तों पर मौजूद रहे।