किसी ने सिर पकड़ रखा था तो कोई पीठ पर बैठा। किशोरी ने हाथ पैर चलाया तो उसे भी पकड़ा गया। किशोर ने बताया कि उसकी बहन गैर बिरादरी के एक युवक के प्रेमजाल में फंसी थी। विरोध के बावजूद वह मान नहीं रही थी। इस पर उसे चाचा के घर दिल्ली भेजा गया। वहां पर भी बहन ने प्रेमी से बात करना नहीं बंद किया। मजबूरी में बड़ा भाई 24 जुलाई को बहन को दिल्ली से बुला लाया। शुक्रवार देर रात किशोरी को आरोपी के साथ फोन पर बात करते हुए पकड़ा तो सभी ने एकमत होकर उसे मार डाला।
मास्टर माइंड की तलाश
किशोरी के बेरहमी से कत्ल किए जाने के पीछे किसी बड़े मास्टर माइंड का हाथ होने का अंदेशा है। उसकी तलाश की जा रही है। उसे मालूम था कि किशोरी का बड़ा भाई बालिग हो चुका है। अगर उसका या परिवार के किसी सदस्य का चालान किया जाता तो उन्हें जेल जाना पडेगा। किशोर को प्लान के तहत कोतवाली भेजा गया और उसे हत्या का जुर्म अपने सिर लेने को बोला गया, लेकिन घटनास्थल के हालात ने पूरी कहानी ही पलट दी। पुलिस ने जब किशोरी के नाबालिग भाई से पूछताछ की तो उसने सच उगल दिया।
रक्षाबंधन पर रक्षक बना भक्षक
भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का पर्व रक्षाबंधन बुधवार को है। इस पर बहन अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर अपनी सुरक्षा का संकल्प दिलाती है, लेकिन सरायअकिल इलाके की घटना में रक्षा का संकल्प लेने वाले भाई ने बहन के खून से हाथ रंग लिए।