डॉक्टर लेता था कमीशन
अजहर की पैरवी के एवज में डीएमओ उससे मोटा कमीशन लेता था। निवेश की गई रकम का एक हिस्सा वह अपने पास रख लेता था। जबकि शेष हिस्सा अजहर के पास ही रहता था। इसी में से थोड़ा-थोड़ा करके वह कुछ महीने तक रकम निवेश करने वाले व्यक्ति को बतौर मुनाफा लौटाता रहता था। इससे किसी को उस पर शक नहीं होता था। सूत्रों का कहना है कि जेल भेजे जाने से पहले अजहर ने डीएमओ को रकम देने की बात पुलिस के सामने कबूली थी।
मुख्य आरोपी की पत्नी समेत तीन की तलाश
1.95 करोड़ की ठगी में पुलिस को अब मुख्य आरोपी अजहर की पत्नी, बहनाेई व भाई की तलाश है। पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान इन तीनों के खिलाफ भी इस मामले में शामिल होने के साक्ष्य मिले हैं। इन्हें इस खेल की जानकारी थी और वह आरोपी का सहयोग भी करते थे। ऐसे में उनकी तलाश की जा रही है।