सूत्रों का कहना है कि अन्य विषयों में भी सामूहिक नकल की आशंका को देखते हुए अब परीक्षा के बाद मूल्यांकन में अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी और कापियों की जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि परीक्षार्थियों की ओर से लिखे गए उत्तर एक-दूसरे से कितना मेल खा रहे हैं। पिछले वर्ष कॉपियों के मूल्यांकन के दौरान तकरीबन नौ हजार परीक्षार्थी सामूहिक नकल में फंसे थे।
उनकी कॉपियों की जांच के दौरान यह पता चला था कि एक-एक लाइन मिलाकर लिखी गई है। ऐसे में राज्य विवि के अफसर इस बार भी पिछले साल की तर्ज पर कॉपियों का मूल्यांकन कराने की तैयारी में हैं। अगर मूल्यांकन के दौरान किसी परीक्षा केंद्र में सामूहिक नकल के नए मामले सामने आते हैं तो संबंधित कॉलेज को भी कम से कम तीन साल और परीक्षार्थियों को एक साल के लिए डिबार किया जाएगा।