शासन के नए आदेश के तहत अब जिले के 20 थानों की कमान दरोगाओं को मिल सकेगी। अब तक आमतौर पर महज छह थानों में ही दरोगाओं की तैनाती होती रही थी। जिनमें गंगापार का एक व यमुनापार के पांच थाने थे। हालांकि नए आदेश के तहत अब जिले के 20 थानों में एसओ तैनात हो सकेंगे।
अब तक कि व्यवस्था के तहत जिले में स्थित कुल थानों में से एक तिहाई में ही एसओ तैनात करने का प्रावधान था। जबकि दो तिहाई थानों में प्रभारी के तौर पर इंस्पेक्टर को ही तैनाती देने का निर्देश था। बात जिले की करें तो यहां यमुनापार के पांच व गंगापार के एक थाने में नियमित तौर पर दरोगा को ही प्रभारी के रूप में नियुक्त किया जाता रहा है। इनमें यमुनापार का घूरपुर, शंकरगढ़, कौंधियारा, लालापुर, खीरी और गंगापार का उतरांव थाना शामिल है। मौजूदा समय में इन सभी थानों की कमान थानाध्यक्षों के हाथ में है। नए आदेश के तहत अब 50 प्रतिशत थानों में दरोगा को प्रभारी बनाया जा सकता है। इस हिसाब से देखा जाए तो जिले के कम से कम 20 थाने में प्रभारी के तौर पर दरोगाओं की नियुक्ति की जा सकेगी। मौजूदा समय में जिले में कुल 40 थाने हैं।
मौजूदा वक्त में कुल आठ थानों में तैनात हैं एसओ
जिले में मौजूदा समय में कुल आठ थानों में दरोगा बतौर प्रभारी नियुक्त हैं। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों के छह थानों के अलावा शहर का पूरामुफ्ती व करेली थाना शामिल है।माना जा रहा है कि नए प्रावधान के बाद शहर के कुछ संवेदनशील थानों की कमान भी तेजतर्रार दरोगाओं को दी जा सकेगी। पुलिस अफसरों का कहना है कि यह शासन के इस निर्णय से बेहतर कार्य करने की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। काबिल दरोगाओं को थाने की कमान देने में नियम आड़े नहीं आएंगे।