विधानसभावार वोटर लिस्ट पुनरीक्षण के साथ अब नगर निकाय चुनाव की वोटर लिस्ट का भी पुनरीक्षण होगा। इसके लिए एक जून को अधिसूचना जारी की चुकी है। शनिवार इस बाबत कलक्ट्रेट के संगम सभागार में हुई बैठक में डीएम संजय कुमार ने यह काम शुरू करने बूथ लेबल अफसर (बीएलओ) की नियुक्ति तत्काल करने के निर्देश दिए। हालांकि यह काम आसान नहीं होगा, क्योंकि एक साथ दो चुनावों की वोटर लिस्ट पुनरीक्षण के लिए अतिरिक्त संख्या में बीएलओ चाहिए जबकि कर्मचारियों की संख्या सीमित है। बीएलओ के रूप में सरकारी कर्मचारियों की ड्यूटी ही लगाई जाती है, सो एक साथ दो चुनावों की वोटर लिस्ट का पुनरीक्षण कार्य बिना विवाद पूरा करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है।
पिछले विधानसभा चुनाव में 3993 बूथ बनाए गए थे, सो उस वक्त इतनी ही संख्या में बीएलओ की ड्यूटी लगाई गई थी। इस बार निर्वाचन आयोग ने निर्देश जारी किए हैं कि ग्रामीण इलाकों किसी बूथ पर 1200 से अधिक वोटर हैं तो वहां एक अतिरिक्त बूथ बनेगा और शहरी क्षेत्र में 1400 से अधिक वोटरों वाले बूथ पर भी एक अतिरिक्त बूथ बनाया जाएगा। आयोग के इस निर्देश के बाद बूथों की संख्या में बढ़ोतरी होने जा रही है और इनकी संख्या बढ़कर साढ़े चार हजार के आसपास होने जा रही है। ऐसे में विधानसभावार वोटर लिस्ट पुनरीक्षण के लिए इतनी ही संख्या में बीएलओ की जरूरत पड़ेगी, सो इस बार प्रशासन को अतिरिक्त कर्मचारियों की व्यवस्था करनी पड़ेगी।
इस बीच नगर निकाय चुनाव की वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण के लिए भी अधिसूचना जारी कर दी गई है। नगर निगम और नगर पंचायतों की बूथों की संख्या 1261 है। इनमें 1122 बूथ नगर निगम सीमा क्षेत्र के हैं, जहां नगर निगम चुनाव के लिए वोट पड़ेंगे और बाकी 139 बूथ नगर पंचायतों में हैं। ऐसे में नगर निकाय की वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण कार्य में भी 1261 कर्मचारियों को बीएलओ के रूप में लगाया जाएगा। फिलहाल लेखपालों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायक अध्यापकों समेत सरकारी विभागों से जुड़े अन्य कर्मचारियों को इस काम में लगाए जाने की तैयारी हो रही है। दो दिनों में बीएलओ की नियुक्ति भी कर दी जाएगी।