न्याय के देवता शनिदेव की जयंती जेठ अमावस्या शनिवार को मनाई गई। शहर के विभिन्न शनि मंदिरों में विशेष पूजा अनुष्ठान हुए। शनिदेव की कृपा पाने के लिए दीप दान हुआ। मीरापुर स्थित सिद्धपीठ ललिता देवी मंदिर में शनि जयंती धूमधाम से मनाई गई। मंदिर के पुरोहित शिवमूरत मिश्रा द्वारा तैलाभिषेक के बाद नीले रंग के फूलों से शृंगार हुआ। भजन कीर्तन द्वारा शनि महिमा का गुणगान किया गया। मंदिर समिति के अध्यक्ष हरिमोहन वर्मा की देखरेख में मंदिर परिसर में 1100 दीप प्रज्वलित किए गए। महाआरती के बाद निशा पूजन हुआ। जयकारों से मंदिर परिसर देर रात तक गूंजता रहा।
बक्शीबांध स्थित शनिधाम मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ तैलाभिषेक हुआ। महंत रामचंदर दास के सानिध्य में संयोजक मनोज कुमार श्रीवास्तव की देखरेख में विधिविधान से पूजा अर्चना हुई। इस अवसर पर सौरभ श्रीवास्तव, कमलेश श्रीवास्तव, ललित मोहन श्रीवास्तव, डॉ. अनिल कुमार, रवि माली, रामराज यादव आदि उपस्थित रहे। नया पुरवा करेली स्थित सिद्धपीठ मां काली मंदिर में शनि जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। शनिदेव का विधिविधान से तैलाभिषेक हुआ। प्रबंधक सुशील पंडा की देखरेख में 251 दीप जलाए गए समाजसेवी सुमित श्रीवास्तव ने आरती की। इस अवसर पर हनुमत प्रसाद, कलावती, मुकेश साह्रू, संजय पंडा, सुनीता रानी, सत्यम अमित कुमार आदि उपस्थित रहे।
अतरसुइया स्थित शनिधाम में रविवार को शनि जयंती मनाई जाएगी। पीठाधीश्वर पराग महाराज के मुताबिक शुरुआत तैलाभिषेक से होगी। पंचामृत स्नान के बाद नीले रंग के फूलों से शनिदेव का शृंगार किया जाएगा। शनि कृपा पाने के लिए हुतात्मक यज्ञ होगा।