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किशोर कैदी को भगाने का मामला : एक दिन पहले रची गई थी साजिश, कर्मचारी ही दे रहा था पल-पल की लोकेशन

Tue, 15 Feb 2022 05:52 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

घटना के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस अफसरों ने आरोपियों से पूछताछ शुरू की तो चौंकाने वाले खुलासे हुए। बाल अपचारी व उसे छुड़ाने वाले हमलावर से बरामद मोबाइल की जांच की गई तो पता चला कि एक दिन पहले दोनों के बीच कई बार फोन पर बातचीत हुई।
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Prayagraj News : घटना के बाद खुल्दाबाद थाने पर जुटी भीड़। - फोटो : प्रयागराज
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विस्तार
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कॉल्विन अस्पताल से बाल अपचारी को छुड़ाने की प्लानिंग एक दिन पहले ही हो गई थी। इसमें कार्यवाहक अधीक्षक के अलावा दोनों कर्मचारी भी शामिल थे। इसका खुलासा तब हुआ जब पुलिस अफसरों ने जांच पड़ताल शुरू की। पता चला कि बाल अपचारी और उसे छुड़ाने की कोशिश करने वाला आरोपी फोन से लगातार संपर्क में थे। यही नहीं, गिरफ्तार कर्मचारियों में से एक लगातार आरोपी को बाल अपचारी की पल-पल की लोकेशन बता रहा था।

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घटना के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस अफसरों ने आरोपियों से पूछताछ शुरू की तो चौंकाने वाले खुलासे हुए। बाल अपचारी व उसे छुड़ाने वाले हमलावर से बरामद मोबाइल की जांच की गई तो पता चला कि एक दिन पहले दोनों के बीच कई बार फोन पर बातचीत हुई। पूछताछ में दोनों ने बताया कि  उन्होंने प्लानिंग कर ली थी।



प्लानिंग के तहत ही वह अस्पताल जाने के लिए निकला जहां उसका साथी तमंचा लेकर पहले से मौजूद था। एक और चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने गिरफ्तार किए गए दोनों कर्मचारियों के मोबाइल की जांच की। पता चला कि  इनमें से एक संजीव हमलावर को फोन से पल-पल की लोकेशन दे रहा था।
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दरअसल फरार होने की कोशिश करने वाले बाल अपचारी के साथ ही एक अन्य को भी अस्पताल भेजा गया था। जिसके लिए दोनों कर्मचारियों संजीव व बालकांत को भी साथ भेजा गया था। इसी दौरान दोनों ने फरार होने में बाल अपचारी की मदद की।

कौशाम्बी का रहने वाला है हमलावर
पुलिस ने बताया कि होमगार्ड पर हमला करने का आरोपी भी नाबालिग है। कौशाम्बी का रहने वाला यह आरोपी भी दो दिन पहले तक राजकीय संप्रेक्षण गृह में ही निरुद्ध था। 12 फरवरी को उसे रिहा कर दिया गया था, जिसके बाद उसने अपने साथी को छुड़ाने की साजिश रची। इसमें कार्यवाहक अधीक्षक और दो कर्मचारियों को भी शामिल कर लिया।



उस पर कुल 12 मुकदमे हैं, जिसके आठ कौशाम्बी के सैनी, दो धूमनगंज और एक सिविल लाइंस थाने में दर्ज हैं। इसके अलावा फरार होने की कोशिश करने वाला बाल अपचारी मूल रूप से प्रतापगढ़ के नगर कोतवाली स्थित गोड़े का रहने वाला है। 10 महीने पहले हत्या के एक मामले में गिरफ्तार कर उसे राजकीय संप्रेक्षण गृह में निरुद्ध किया गया था। यहीं उसकी मुलाकात कौशाम्बी निवासी हमलावर बाल अपचारी से हुई।
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पुलिस से बोला- भीतर कैसे घुस आए
उधर गिरफ्तारी से पहले कार्यवाहक अधीक्षक ने शाहगंज थाने के पुलिसकर्मियों पर रौब झाड़ने की भी कोशिश की। कहा कि वह किसकी अनुमति से संप्रेक्षण गृह के भीतर घुसे। हालांकि जब एसएसपी ने मौके पर पहुंचकर उससे पूछताछ शुरू की तो उसकी सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई। मोबाइल बरामद होने पर वह इधर-उधर झांकने लगा जिसके बाद एसएसपी ने उसकी जमकर खबर भी ली।
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