इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सिकंदराबाद के जहरीली शराब पीने से सात लोगों की मौत के चर्चित मामले की आरोपी माया देवी उर्फ मायावती की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल ने दिया है। याची का कहना था कि 9 जनवरी 21 को पुलिस उसके लड़के कुलदीप की तलाश में आई और अवैध शराब की फर्जी बरामदगी दिखाकर दूसरे दिन उसे पकड़कर ले गई। तथा जहरीली शराब पीने से सात लोगों की मौत के मामले में गिरफ्तार कर लिया।
इस मामले में बुलंदशहर के सिकंदराबाद थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। जिसमें याची नामजद नहीं है। वह 66 साल की सीनियर सिटिजन है। सरकार की तरफ से अपर महाधिवक्ता विनोद कांत का कहना था कि चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। एफएसएल रिपोर्ट व मिथायल अल्कोहल की बरामदगी और जहरीली शराब पीने से सात लोगों की मौत की घटना गंभीर अपराध है। जिसमें दर्जनों गंभीर रूप से बीमार हो गए थे। याची पर अवैध शराब बनाकर बेचने का आरोप है। आरोपी को आजीवन कारावास की सजा मिल सकती है। इस अवैध शराब के धंधे में पूरा परिवार शामिल है। कोर्ट ने कहा याची को जमानत पर नहीं छोड़ा जा सकता।