इलाहाबाद(ब्यूरो)। भारतीय वायुसेना की 83वीं वर्षगांठ बृहस्पतिवार को मध्य वायु कमान मुख्यालय में धूमधाम से मनाई गई। इस मौके पर मध्य वायु कमान के एओसी-इन-सी एयर मार्शल केएस गिल ने राष्ट्र की सेवा में प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीदों को युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि दी। बिगुल की अंतिम धुन के साथ ही अधिकारियों, वायुसैनिकों ने दो मिनट का मौन रखकर अमर शहीदों को नमन किया। पूर्व सैनिकों को अदम्य साहस के लिए सम्मानित भी किया गया।
एयर मार्शल गिल ने हॉलो स्क्वायर परेड में अधिकारियों, सैनिकों को संबोधित भी किया। अपने संबोधन में एयर मार्शल गिल ने कहा कि दुनिया में तेजी से बदलते सामरिक दौर में भारतीय वायुसेना की जिम्मेदारियां भी बढ़ी हैं। जिसमें अधिकारियों, वायुसैनिकों को खरा उतरना है। वायुसेना आधुनिकता के मार्ग पर अग्रसर है। बेहतर अभ्यास, साइबर सुरक्षा, व अनुशासन के साथ सभी लक्ष्यों को हासिल करना है। टीम वर्क पर जोर देते हुए एयर मार्शल ने कहा कि आला अधिकारी युवा वायु योद्धाओं को अनुशासित सैनिक के रूप में विकसित करने में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दें।
मध्य वायु कमान के प्रमुख क्षेत्रों को रेखांकित करते हुए एयर मार्शल ने अधिकारियों, सैनिकों से आह्वान किया कि वे कमान को उत्कृष्ट केंद्र के रूप में विकसित करने में अपना योगदान दें। उन्होंने हाल में ही नेपाल में आए विनाशकारी भूकंप के दौरान ‘आपरेशन मैत्री’ में अधिकारियों, सैनिकों की भूमिका की सराहना की। इस मौके पर राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री, रक्षा राज्यमंत्री व वायुसेनाध्यक्ष के शुभकामना संदेशों को भी पढ़ा गया। कार्यक्रम के दौरान एयर मार्शल गिल ने अधिकारियों, सैनिकों को राष्ट्र की सेवा में स्वयं को समर्पित करने व कर्तव्य निष्ठा की शपथ दिलाई।
83वीं वर्षगांठ के मौके पर सेवानिवृत्त अधिकारियों, वायुसैनिकों के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिसमें चिकित्सा कैंप, एयरो माडलिंग का प्रदर्शन, पारंपरिक बड़ा खाना, मैत्री क्रिकेट व गोल्फ मैच प्रमुख रहे।