आठ वर्षीय मासूम से दुष्कर्म और फिर उसकी हत्या में फांसी की सजा पाए युवक ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। न्यायमूर्ति चंद्र धारी सिंह और न्यायमूर्ति लक्ष्मीकांत शुक्ला की खंडपीठ ने पीड़ित पक्ष को नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई 29 मई को तय की है।
मामला प्रयागराज के सोरांव थाना क्षेत्र का है। तीन अक्तूबर 2024 को पीड़िता अपने बीमार पिता के इंजेक्शन की बची हुई दवा मेडिकल स्टोर पर रखने गई थी। इसके बाद वह संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई। अगले दिन चार अक्तूबर को उसका शव गांव के ही धान के खेत में मिला। पोस्टमार्टम और वैज्ञानिक साक्ष्यों से पुष्टि हुई कि दुष्कर्म के बाद बच्ची की हत्या की गई। पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी मुकेश पटेल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
करीब दो साल चले ट्रायल के बाद 30 मार्च को पॉस्को एक्ट की विशेष अदालत ने मुकेश को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई। 25,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। ट्रायल कोर्ट ने फैसले में टिप्पणी करते हुए कहा था कि मासूम के साथ हुई बर्बरता समाज के लिए गंभीर खतरा है। आरोपी के सुधार की गुंजाइश नहीं है। लिहाजा, दोषी युवक सजा-ए-मौत का हकदार है।