दूरस्थ डीएलएड अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) 2026 की आवेदन तिथि बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्हें आवेदन का समय भी कम मिला साथ ही सर्वर की दिक्कत के कारण भी कठिनाई सामने आई।
अभ्यर्थियों का कहना है कि दूरस्थ डीएलएड अभ्यर्थियों को टीईटी 2026 में शामिल करने के उच्च न्यायालय के आदेश के बाद आयोग की ओर से समय पर व्यापक प्रचार-प्रसार नहीं किया गया। आयोग ने 2 मई की शाम को अखबारों में प्रकाशन के लिए विज्ञप्ति जारी की, जिसमें तीन मई तक आवेदन की अंतिम तिथि होने की बात कहीं गई। इस कारण हजारों अभ्यर्थी आवेदन नहीं कर पाए हैं। अभ्यर्थियों ने आवेदन की समय सीमा कम से कम तीन दिन बढ़ाने की मांग की है। देवरिया से पवन पाठक , जौनपुर से अश्वनी, वाराणसी से मनीष, गोरखपुर से सीमा आदि का कहना है कि रविवार की सुबह उन्हें जानकारी हुई, लेकिन सर्वर ही नहीं चल रहा है।
उधर, आयोग के उप सचिव संजय कुमार सिंह ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश से आच्छादित अभ्यर्थियों के लिए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट 30 अप्रैल को ही खोल दी गई थी। किसी भी पात्र अभ्यर्थी को वंचित न रहना पड़े, इसके लिए 2 मई को विज्ञप्ति जारी की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी आवेदन उच्च न्यायालय के अंतिम निर्णय के अधीन रहेंगे।
यह है पूरा मामला
शुभम कुमार शुक्ला व 36 अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य याचिका से जुड़ा है। इस पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति राजीव सिंह की एकल पीठ ने राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान से 18 माह का डीएलएड (ओडीएल मोड) करने वाले अभ्यर्थियों को अंतरिम राहत प्रदान की है। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि अंतिम निर्णय आने तक ये अभ्यर्थी टीईटी 2026 में शामिल हो सकते हैं। याचियों का तर्क था कि उन्हें टीईटी 2026 से वंचित किया जा रहा था, जबकि उच्चतम न्यायालय पूर्व में स्पष्ट कर चुका है कि 10 अगस्त 2017 तक सेवा में रहे और 18 माह का ओडीएल डीएलएड पूरा करने वाले शिक्षक पात्र माने जाएंगे। मामले की अगली सुनवाई 22 मई 2026 को निर्धारित की गई है।